राज्य के ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्री एन. आनंद ने तिरुचिरापली में चल रही कई जल एवं बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नई 2026‑27 वित्तीय योजना के प्रस्तावों पर विशेष ध्यान दिया गया।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर जल एवं ग्रामीण विकास को गति देने वाले मंत्री एन. आनंद ने मंगलवार को तिरुचिरापली (त्रिची) में एक व्यापक समीक्षा बैठक का संचालन किया। इस सत्र को जिला कलेक्टर प्रतीक त्याल ने अध्यक्षता में रखा, जबकि शहरी आवास विकास बोर्ड के चेयरमैन के.पी. कृष्णन, स्थानीय विधायक और ग्रामीण विकास तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट
बैठक में मंत्री ने मारुधैयर बेसिन में चल रहे जल निकासी, कोट्टरै जलाशय निर्माण, भूमि अधिग्रहण की स्थिति और एलuvial मिट्टी परियोजना की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समय‑सीमा का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।
पिछले समीक्षात्मक सत्र का संदर्भ
तिरुचिरापली से पहले, मंत्री ने पेरंबलुर में समान समीक्षा बैठक आयोजित की थी, जहाँ भी जल निकासी, जलाशय निर्माण और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई थी। इस क्रम में, तिरुचिरापली की बैठक ने पिछले सत्र से प्राप्त सीख को आगे बढ़ाते हुए नई योजनाओं को भी एजेंडा में रखा।
2026‑27 के नए प्रस्ताव और प्राथमिकताएँ
2026‑27 वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं में कोलाथुर गाँव में एक चेक‑डैम का निर्माण, वेनपावूर झील की मरम्मत व पुनर्स्थापना, और अरुंबावुर जलाशय की ग्रेडिंग कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, वि. कलाथुर बांध का पुनर्वास, नरि ओडाई और परवै ओडाई बांधों का पुनर्निर्माण भी चर्चा में रहा। मंत्री ने इन सभी कार्यों को गुणवत्ता‑उन्मुख तरीके से पूरा करने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।
भविष्य की दिशा और अपेक्षित प्रभाव
इन परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन न केवल जल सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा बल्कि कृषि उत्पादन, किसान आय और ग्रामीण रोजगार में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर और पारदर्शी ढंग से काम किया गया, तो तिरुचिरापली जिले में जल‑संबंधी संकटों में उल्लेखनीय कमी आएगी और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सरकार को गति मिलेगी।
बैठक के अंत में, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रशांत एम. वडनेरे ने मंत्री को विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे के सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई। इस प्रकार, तिरुचिरापली में आयोजित समीक्षा बैठक राज्य सरकार की जल‑सुरक्षा और ग्रामीण बुनियादी ढाँचा रणनीति के महत्व को पुनः स्थापित करती है।