कोची निगम ने केरल नगर भवन नियमों में संशोधन की मांग की है, जिससे मौजूदा इमारतों को उठाने से पहले लाइसेंस अनिवार्य हो जाएगा। यह कदम दो मंजिला इमारत के झुकने के बाद उठाया गया, जिसने एम.जी. रोड पर पड़ोसी वाणिज्यिक भवन को खतरे में डाल दिया।
कोची निगम ने केरल नगर भवन नियम (KMBR) में बदलाव की मांग की है, जिससे किसी भी मौजूदा इमारत को उसके मूल स्तर से उठाने से पहले निगम से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य हो जाएगा। यह प्रस्ताव हाल ही में एम.जी. रोड पर दो मंजिला इमारत के उठाते समय झुकने की घटना के बाद आया, जहाँ वह पड़ोसी बहु-स्तरीय वाणिज्यिक इमारत पर गिर गया।
घटना का विवरण
जोस जंक्शन के पास स्थित 60 साल पुरानी एक आवासीय इमारत को जल निकासी सुधार के लिए हाइड्रॉलिक जैक से उठाया जा रहा था। 7 जुलाई 2026 को जैक के फेल होने से इमारत का ऊपरी भाग झुका और निकटवर्ती व्यावसायिक इमारत पर दबाव डाला। इस कारण न केवल संरचनात्मक स्थिरता को खतरा हुआ, बल्कि आसपास के कई किरायेदारों की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ गई।
निगम की तत्काल कार्रवाई
इमारत के मालिक को 10 जुलाई 2026 तक स्वयं खर्च पर ध्वस्त करने का नोटिस दिया गया। यदि वह इस निर्देश का पालन नहीं करता, तो निगम खुद ही ध्वस्त कार्य करेगा और लागत वसूलेगा। निगम के मेयर वी.के. मिनीमोल ने कहा, “वर्तमान में इमारत उठाने के कामों पर हमारा नियंत्रण न्यूनतम है, क्योंकि लाइसेंस की कोई आवश्यकता नहीं है। यह कार्य अब व्यापक रूप से हो रहे हैं, जबकि पहले यह दुर्लभ था।”
नियम परिवर्तन की आवश्यकता
मेयर मिनीमोल ने स्थानीय स्व-शासन मंत्री और मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इमारत उठाने के कार्यों के लिए पूर्व लाइसेंस अनिवार्य करने की माँग की है। ऐसा कदम न केवल जलभराव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करेगा, बल्कि अनियोजित निर्माण कार्यों से उत्पन्न होने वाले जोखिम को भी कम करेगा।
भविष्य के प्रभाव
यदि यह संशोधन लागू होता है, तो कोची जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में निर्माण सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ किया जा सकेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम अन्य राज्य नगर निगमों के लिए एक मिसाल बन सकता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर शहरी नियोजन और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही, यह अनधिकृत निर्माण कार्यों को रोकने, भूमि उपयोग की पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने में मदद करेगा।
निगम की टीम का निरीक्षण
निगम के सार्वजनिक कार्य स्थायी समिति के अध्यक्ष टी.के. आशरफ़, विकास स्थायी समिति की शाक्रिता सुरेशबाबू, और अन्य प्राधिकरणों सहित एक विस्तृत टीम ने साइट का सर्वेक्षण किया। उन्होंने इमारत के निचले हिस्से में हुए नुकसान को दर्ज किया और निकटवर्ती कोकोनट बोर्ड कार्यालय के संभावित निकासी की व्यवस्था का उल्लेख किया।