इंदिरप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 16 काउंसिलर ने भाजपा में शामिल होकर दिल्ली के 250‑सदस्यों वाले एमसीडी में बीजेपी की सीटें 139 तक बढ़ा दीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस कदम को "त्रि‑इंजन सरकार" के विकास कार्यों का लाभ मानते हुए सराहा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- IVP के 16 काउंसिलर बीजेपी में शामिल हुए
- एमसीडी में बीजेपी की सीटें 139 तक बढ़ीं
- दिल्ली की विकास नीति अब ‘त्रि‑इंजन’ सरकार के तहत लागू होगी
इंदिरप्रस्थ विकास पार्टी (IVP), जो अलीकले साल मई में आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर एमसीडी में एक नई फ्रंट बन गई थी, ने शुक्रवार को दिल्ली भाजपा के मुख्यालय में 16 काउंसिलरों के साथ भाजपा में मिलन किया। यह कदम दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
पार्टी के परिवर्तन की पृष्ठभूमि
IVP का गठन 2025 में हुआ था, जब 13 काउंसिलरों ने AAP के नेतृत्व से निराशा जताते हुए पार्टी छोड़ दी थी। उन काउंसिलरों का नेतृत्व मुकेश गोयल और हेेमचंद गोयल ने किया था। उन्होंने कहा था कि अलग पार्टी रहकर वे अपने वार्डों में विकास कार्यों का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे।
भाजपा को मिली नई शक्ति
भाजपा ने अब एमसीडी के 250‑सदस्यीय हाउस में 139 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। यह संख्या पिछले वर्ष के 123 से बढ़ी है और यह भाजपा को दिल्ली के शहरी प्रशासन में अधिक प्रभावशाली बनाती है। तीन IVP नेताओं को 12 वार्ड कमेटियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्थायी समिति में सदस्य के रूप में नामित किया गया, जो जुलाई 15 को होने वाले चुनावों से पहले की रणनीतिक चाल है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब इन वार्डों के निवासियों को "त्रि‑इंजन सरकार"—केन्द्रीय, राज्य और स्थानीय—के संयुक्त विकास पहल का पूरा लाभ मिलेगा। विपक्षी AAP ने इस कदम को "भाजपा की साजिश" कहा, जबकि भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक बहुमत का प्रतिबिंब बताया।
भविष्य की संभावनाएँ
इस मिलन से दिल्ली की शहरी नीतियों में संभावित बदलाव की उम्मीद है, विशेषकर बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन दिल्ली में आगामी नगर निगम चुनावों को प्रभावित करेगा और भाजपा को स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर देगा।