करूर में हुए 41 मृतकों वाले टिवीके रैलियों के बाद, मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के 31 परिवारों को विभिन्न विभागों में जूनियर असिस्टेंट पदों के आदेश प्रदान किए। यह कदम सरकार की संवेदनशीलता और आर्थिक पुनरुत्थान की दिशा में एक प्रतीक है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 31 परिवारों को राजस्व, शिक्षा, पुलिस आदि विभागों में जूनियर असिस्टेंट पद मिले।
- आदेशों का वितरण करूर जिला कलेक्टरेट में भावनात्मक माहौल में हुआ।
- मुख्यमंत्री ने एवरवन कोठारी फुटवियर यूनिट की आधारशिला भी रखी, जिससे स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहन मिला।
23 सितंबर, 2025 को वेलुसमीपुरम में आयोजित तमिलगा वेत्री कज़हागम (टीवीके) रैली के दौरान करूर में हुई भीषण भीड़भाड़ में 41 लोगों की मौत हुई। इस त्रासदी ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया और सामाजिक सुरक्षा व रोजगार के सवालों को उठाया। एक साल बाद, 11 जुलाई, 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस दुखद घटना के पीड़ितों के परिवारों को सरकार के नौकरियों के आदेश सौंपे, जिससे शोक में घिरे परिवारों को थोड़ा सांत्वना मिली।
परिवारों को नियुक्तियों का विवरण
विजय ने 31 पात्र परिवारों को विभिन्न विभागों में जूनियर असिस्टेंट के पदों की नियुक्ति की घोषणा की। इन पदों में राजस्व, ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, पुलिस, पंजीकरण और टाउन पंचायत शामिल हैं। बी. आनंदजॉथि (पुगालुर), एम. निवेथा (सेंगुंथापुरम), एस. कलैसेल्वी (सैनापिरत्ती) और ए. जोथी (सेलम) जैसे नामित लोगों ने इस अवसर को अपने जीवन में एक नई शुरुआत के रूप में देखा।
भावनात्मक मुलाकात और सरकार की प्रतिबद्धता
विजय ने लगभग 45 मिनट तक परिवारों के साथ बिताए, उनका स्वास्थ्य और कल्याण पूछते हुए। कई परिवारों ने आँसू बहाए, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं भी भावनाओं से अभिभूत हो गए। ए. जोथी ने कहा, "कोई धनराशि मेरे पति को वापस नहीं ला सकती, पर सरकारी नौकरी मेरे परिवार को स्थिरता देगी।" इस प्रकार, सरकार ने केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समर्थन भी दिया।
आर्थिक पहल और भविष्य की दिशा
नियुक्तियों के साथ ही, मुख्यमंत्री ने मनवासी में एवरवन कोठारी फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की आधारशिला रखी। यह कदम स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में मंत्री आदव अर्जुना, के.ए. संगोत्टयन, मुख्य सचिव एम. साइकमर, उद्योग सचिव एस. विजयकुमार और कलेक्टर सी. मूथुकुमार शामिल थे।
समाप्ति
यह पहल सरकार की संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जबकि साथ ही आर्थिक विकास के लिए ठोस कदम उठाने की इच्छा भी स्पष्ट करती है। भविष्य में यदि इस तरह की नीतियों को निरंतरता मिलती रही, तो सामाजिक बंधन मजबूत होंगे और राज्य की प्रगति में नई गति मिलेगी।