राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रेड फोर्ट के पास हुए कार बम विस्फोट से जुड़े तीन नए संदिग्धों को आरोपित किया, जिससे कुल आरोपियों की संख्या 13 हो गई। प्रमुख आरोपी उमर अन नबी की मृत्यु इस हमले में हुई थी, और अब विस्तारित चार्ज शीट में अन्य सहयोगियों की भूमिका उजागर की गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • तीन नए आरोपियों को अतिरिक्त चार्ज शीट में शामिल किया गया
  • कुल आरोपियों की संख्या 13 हो गई
  • मुख्य आरोपी उमर अन नबी की मृत्यु बम विस्फोट में हुई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 10 नवंबर, 2025 को रेड फोर्ट के पास हुई कार बम विस्फोट से जुड़े तीन नए संदिग्धों को आधिकारिक तौर पर आरोपित किया है। यह अतिरिक्त चार्ज शीट जम्मू‑कश्मीर के ज़ामीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुज़ाफ़र अहमद (उपनाम फ़राज़/ज़फ़र) को सूचीबद्ध करती है, जिससे कुल आरोपियों की संख्या 13 तक पहुँच गई।

पृष्ठभूमि और आरोपों का विस्तार

मुख्य आरोपी उमर अन नबी, जो विस्फोट में मारे गए थे, के साथ मिलकर मुज़ाम्मिल, अदील, और इरफ़ान समेत कई अन्य व्यक्तियों को इस आतंकवादी साजिश का भागीदार बताया गया है। NIA ने बताया कि मुलज़ाफ़र अहमद, जो एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं, Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) के संस्थापकों में से एक हैं और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का अभिन्न हिस्सा हैं।

संदिग्धों की भूमिका और आपराधिक नेटवर्क

जमा‍ीर अहमद को AGuH के ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में पहचाना गया है, जो हथियार, गोला‑बारूद और नकद की तस्करी में संलग्न था। तुफैल अहमद, पूर्व लेशकर‑ए‑ताइबा (LeT) के सदस्य, ने AK‑47, क्रिंकोव राइफल, पिस्तौल और लाइव अम्यूनिशन जैसी सामग्रियों को डेड‑ड्रॉप के माध्यम से मुख्य आरोपी उमर अन नबी को 3 लाख रुपये में उपलब्ध करवाई।

वैज्ञानिक जांच और भविष्य की संभावनाएँ

अधिकारियों ने विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण, भू‑स्थानिक मानचित्रण और वित्तीय लेन‑देन के विश्लेषण के माध्यम से आपराधिक जाल को उजागर किया है। मुज़ाफ़र अहमद के खिलाफ गैर‑जमानत वारंट जारी किया गया है, और अब NIA के पास इस साजिश के अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने का आधार है। इस विकास से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश भी मिलेगा।