विजयनगरम जिला प्रशासन ने 11 और 12 जुलाई को सभी मंडलों में विशेष SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान चलाने का फैसला किया है, ताकि 14 जुलाई की नियत तिथि से पहले मतदाता सूची को पूर्ण किया जा सके। अब तक 15.90 लाख फॉर्म वितरित हुए हैं, लेकिन केवल 75% ही अपलोड हो पाए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- विजयनगरम में 11‑12 जुलाई को विशेष SIR अभियान आयोजित
- 15.90 लाख फॉर्म वितरित, 75% अपलोड पूर्ण
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 21 जुलाई को प्रकाशित होगी
विजयनगरम, आंध्र प्रदेश – निर्वाचन आयोग (ECI) की कड़ी निगरानी में जिला प्रशासन ने 14 जुलाई की समय सीमा से पहले मतदाता सूची को पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान की योजना बनाई है। यह कदम तब उठाया गया है जब फॉर्म की डिलीवरी तो हो चुकी है, परन्तु डिजिटल अपलोड में देरी के कारण सूची अद्यतन में बाधा उत्पन्न हुई है।
पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति
विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का उद्देश्य शिफ्ट हुए, नई आयु वर्ग में आए या नाम बदलने वाले मतदाताओं को सूची में सम्मिलित करना है। विजयनगरम में लगभग 15.78 लाख संभावित मतदाता हैं, जिनमें से 15.60 लाख को SIR फॉर्म प्रदान किए जा चुके हैं। हालांकि, फॉर्म की भरपाई के बाद डिजिटल अपलोड की गति अपेक्षित नहीं रही, जिससे केवल 75% फॉर्म ही सिस्टम में दर्ज हुए हैं।
विशेष अभियान का कार्यान्वयन
जून 2026 में शुरू हुई इस प्रक्रिया में, जिला कलेक्टर एस. रामसुंदर रेड्डी, उप-निर्वाचन आयुक्त पवन कुमार सरमा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अभियान की निगरानी में हैं। उन्होंने सप्ताहांत (शनिवार‑रविवार) को चुनकर यह आशा जताई है कि अधिकांश मतदाता घर पर होंगे, जिससे फॉर्म संग्रह और अपलोड दोनों तेज़ी से हो सकेंगे। इस विशेष ड्राइव के दौरान सभी अधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने का निर्देश दिया गया है।
राजनीतिक प्रभाव और विपक्षी प्रतिक्रियाएँ
विपक्षी YSR कांग्रेस पार्टी ने इस प्रक्रिया में संभावित पक्षपात की आशंकाएँ जताई हैं, विशेषकर अनुसूचित जातियों, अल्पसंख्यकों और अन्य समूहों के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए हैं। विजयनगरम के YSRCP जिला अध्यक्ष माज्जी श्रीनिवास राव ने पार्टी के नेताओं से फॉर्म की सही तरह से जमा करने और बूथ स्तर के अधिकारियों को सटीक डेटा प्रदान करने की चेतावनी दी है। यह मुद्दा राज्य‑स्तर के राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि मतदाता सूची का अंतिम रूप चुनावी परिणामों पर सीधा असर डालता है।
आगामी कदम
विशेष SIR अभियान के बाद, जिला प्रशासन 21 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित करने का लक्ष्य रख रहा है। इस सूची को सार्वजनिक करने के बाद, किसी भी त्रुटि या अपूर्णता को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे 14 जुलाई की नियत तिथि का पालन सुनिश्चित हो सके। अंततः, इस प्रक्रिया की सफलता न केवल निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास भी सुदृढ़ करेगी।