बेंगलुरु में चल रहे सुरक्षित फुटपाथ अभियान ने एक हफ्ते में सैकड़ों सड़क विक्रेताओं को बेदखल किया और उनके सामान को जब्त किया, जिससे व्यापारी वर्ग और नगर निगम के बीच तीव्र तनाव बढ़ा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सुरक्षित फुटपाथ अभियान ने 1,500 किमी सड़क को 'नो वेन्डिंग ज़ोन' घोषित किया।
  • विक्रेताओं ने 2014 के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के चार उल्लंघनों की ओर इशारा किया।
  • विक्रेताओं ने 8 जुलाई को हॉकर्स स्ट्राइक का ऐलान किया, जो नीति‑निर्माताओं को चुनौती देता है।

बेंगलुरु में नगर निगम द्वारा शुरू किया गया सुरक्षित फुटपाथ अभियान नागरिकों को पैदल चलने के लिए साफ़ रास्ते प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। लेकिन इस पहल ने शहर के हजारों अनौपचारिक विक्रेताओं को सीधे निशाना बनाया। पिछले सात दिनों में, मल्लेश्वरम, विजयनगर, केंगड़ी और आर.आर. नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सैकड़ों विक्रेताओं को बेदखल किया गया और उनके सामान जब्त किया गया।

पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा

2014 में लागू स्ट्रिट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लिवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ़ स्ट्रिट वेन्डिंग) एक्ट के तहत हर विक्रेता को सर्वेक्षण पूरा होने और पहचान पत्र (ID) जारी होने के बाद ही हटाया जा सकता है। राज्य सरकार ने 2024 के सर्वेक्षण में केवल 34,000 विक्रेताओं को दर्ज किया, जबकि वास्तविक संख्या 80,000 से अधिक बतायी जा रही है। इस अंतर को लेकर विक्रेता संघों ने सरकार पर डेटा को जानबूझकर कम करने का आरोप लगाया है।

विपक्ष का तर्क और संघर्ष

विक्रेताओं का कहना है कि बिना नोटिस के किया गया बेदखली और जब्ती उनके आर्थिक अस्तित्व को खतरे में डाल रही है। कई क्षेत्रों में, जैसे विजयनगर, जहां विक्रेता संघों ने विरोध किया, नगर अधिकारी दो दिन के बाद ही पीछे हटे। विक्रेता संघों ने चार प्रमुख उल्लंघनों को उजागर किया: 1) सर्वेक्षण पूरा नहीं होना, 2) पहचान पत्र न देना, 3) बिना लिखित नोटिस के जब्ती, 4) टाउन वेन्डिंग कमेटी की अनुपस्थिति में नो वेन्डिंग ज़ोन की घोषणा।

भविष्य की दिशा और संभावित प्रभाव

ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गोवडा ने कहा कि शहर की लगभग 10% सड़कों को नो वेन्डिंग ज़ोन घोषित किया जाएगा, जिससे फुटपाथ अधिक सुरक्षित होंगे। परन्तु विक्रेता संघों ने इस कदम को ‘पैदल यात्रियों और विक्रेताओं के बीच झूठी द्वंद्वात्मकता’ कहा, यह तर्क देते हुए कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ वाहन के साथ होती हैं, न कि फुटपाथ पर। 8 जुलाई को घोषित हॉकर्स स्ट्राइक शहर के प्रशासन को दबाव में लाएगी, जिससे दोनों पक्षों को संवाद के नए मंच की आवश्यकता होगी।