एनरजमेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने आरोप लगाया कि पूर्व पश्चिम बंगाल मंत्री सुजित बोस ने 2014‑2022 के बीच नगरपालिका भर्ती घोटाले से प्राप्त धन को अपने चाइनीज़ रेस्तरां, बार और फ्लैट्स में धुलाई की। 340 नामांकितों में से 284 को अनधिकृत रूप से नियुक्त किया गया, जिससे सार्वजनिक धन का दुरुपयोग साबित हुआ।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सुझित बोस ने नगरपालिका भर्ती घोटाले के फंड को अपने रेस्तरां व संपत्तियों में धुंधला किया।
  • 340 उम्मीदवारों में से 284 को अनधिकृत रूप से नियुक्त किया गया, 2014‑2022 के दौरान।
  • ईडी ने बोस, उसके बेटे, एक आईएएस अधिकारी और अन्य पर पीएमएलए कोर्ट में आरोप लगाए।

एनरजमेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 11 जुलाई को एक विस्तृत चार्ज शीट दाखिल की, जिसमें बताया गया है कि पूर्व पश्चिम बंगाल के फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज मंत्री सुझित बोस ने नगरपालिका भर्ती घोटाले से मिली अवैध आय को अपने Chinese Quisine Restaurant, बार और कई फ्लैट्स में निवेश किया। इस प्रक्रिया में नकद लेन‑देनों को वैध बिक्री के रूप में प्रस्तुत करके बैंक में बड़ी मात्रा में जमा करवाए गए, जिसमें कोविड‑19 लॉकडाउन के दौरान भी लेन‑देन जारी रहा।

पृष्ठभूमि और स्कैम का विस्तार

बोस, जो 2014‑2022 के दौरान दक्षिण डुमडुम नगरपालिका के उप‑चेयरमैन भी रह चुके हैं, ने 340 उम्मीदवारों की अनुचित सिफ़ारिश की, जिसमें से 284 ने वास्तविक नियुक्ति प्राप्त की। इस प्रकार, सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया को विकृत करने के साथ‑साथ, बॉस ने इन अनुचित नियुक्तियों से मिलने वाले “अधिकार‑रहित” शुल्क को अपने व्यावसायिक उद्यमों में धुंधला किया।

आरोपित वित्तीय चालें

ED के अनुसार, बोस ने अपने रेस्तरां में नकद बिक्री को बढ़ावा देकर “भौतिक” आय का दिखावा किया, जबकि वास्तविक आय को शेल कंपनियों और व्यक्तिगत लोन के माध्यम से चुप‑चाप अपने एस्टेट में निवेश किया। शैम्पलिंग, “श्री वेंकटेश बैंकेट्स” और “स्पेशलिटी धाबा LLP” जैसी हॉस्पिटैलिटी वेंचर को बड़े‑बड़े अनसुरक्षित लोन और नकद जमा से फंड किया गया। इन संपत्तियों में कई फ्लैट्स शामिल हैं, जिन्हें सीधे बोस ने “नौकरी के बदले” प्राप्त किया।

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ

बोस, जो बिधाननगर से तीन बार विधायक रहे, हाल ही में 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी को 37,000 वोटों से हराकर हारे। इस हार के बाद भी, इस मामले की जाँच और संभावित कोर्ट‑मुकदमों से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है। साथ ही, आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय पर भी “दुरुपयोग” का आरोप लगाकर प्रशासनिक भ्रष्टाचार की व्यापक समस्या उजागर हुई है।

न्यायिक प्रक्रिया और अगले कदम

ED ने बोस, उसके पुत्र समुद्र बोस, चट्टोपाध्याय और अन्य सहयोगियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। यह दूसरा चार्ज शीट है, पहला एयान सिल के खिलाफ फरवरी 2025 में दायर किया गया था। अदालत के आदेशों के आधार पर, यदि साक्ष्य पर्याप्त पाए जाते हैं, तो बोस को भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है, जिससे भविष्य में सार्वजनिक पदों पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं।