कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवाकुमार ने राज्य के जल-संयोजन परियोजना पर टिप्पणी करने से पहले प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्री से स्पष्ट जानकारी लेने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य को ड्रग‑मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • शिवाकुमार ने हड़सवामि को प्रधानमंत्री व जल शक्ति मंत्री से जानकारी लेने को कहा
  • राज्य ने नदी‑लिंकिंग परियोजना में भागीदारी की स्वीकृति दी
  • कर्नाटक में ड्रग‑मुक्त अभियान को तीव्र किया जा रहा है

बेंगलुरु, 11 जुलाई 2026 – कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवाकुमार ने कांग्रेस‑जेडीएस गठबंधन के नेता एच.डी. कुमारास्वामी के गोडावरी‑कृष्णा‑कौवरी नदी‑लिंकिंग परियोजना पर दिए टिप्पणी को लेकर तीखा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमारास्वामी को पहले प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से विस्तृत जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, उसके बाद ही सार्वजनिक बयान देना चाहिए।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक तनाव

गोडावरी‑कृष्णा‑कौवरी जल‑लिंकिंग योजना, जो भारत के प्रमुख जल‑संकट समाधान में से एक है, कई राज्यों के बीच जल वितरण को संतुलित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कर्नाटक ने हाल ही में इस परियोजना में भागीदारी की स्वीकृति दी, जिससे राज्य के जल‑स्रोतों पर संभावित लाभ की आशा बढ़ी। हालांकि, कुमारास्वामी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य को मिलने वाले वाटर शेयर में पर्याप्त लाभ नहीं मिलेगा और कर्नाटक को अपने हिस्से के लिए लड़ी करनी पड़ेगी। इस पर शिवाकुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी विवरण के बिना सार्वजनिक बयान देना “रियल एस्टेट ट्रांज़ैक्शन” जैसा नहीं है, बल्कि जल‑सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

मुख्यमंत्री का उत्तर

बेंगलुरु में पत्रकारों के सवालों पर शिवाकुमार ने कहा, “श्री कुमारास्वामी को पहले प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्री से मिलकर इस परियोजना की सच्ची स्थिति समझनी चाहिए। सही जानकारी मिलने के बाद ही वह टिप्पणी कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सही व्यक्ति को उचित समय पर जवाब दूँगा,” जिससे यह संकेत मिला कि केंद्र सरकार की नीति में कोई बदलाव या स्पष्टीकरण आने की संभावना है।

ड्रग‑मुक्त कर्नाटक पहल

शिवाकुमार ने राज्य के एंटी‑ड्रग अभियान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “कर्नाटक को ड्रग‑फ्री राज्य बनाना हमारी प्राथमिकता है। छात्रों, युवाओं और अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है और पुलिस के साथ मिलकर हम इस लक्ष्य को हासिल करेंगे।” राज्य पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘बेडा ब्रो’ अभियान को युवाओं में नशे की लत के खतरों को समझाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

आगे की संभावनाएँ

यदि प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्री जल्द ही विस्तृत योजना प्रस्तुत करते हैं, तो कर्नाटक की जल‑सुरक्षा और कृषि‑उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, राज्य के ड्रग‑मुक्त लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान और कड़ी प्रवर्तन की आवश्यकता रहेगी। इस द्विआधारी मुद्दे पर आगे की बातचीत कर्नाटक की राजनीति और जल‑नीति दोनों को आकार देगी।