पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने औद्योगिक ज़रूरतों के लिए ज़मीनी अधिग्रहण के बजाय सीधे भूमि खरीद की नई नीति का आह्वान किया। 100 करोड़ रुपये से ऊपर के निवेश प्रस्तावों के लिए एक-खिड़की मंजूरी प्रणाली भी पेश की जाएगी, जिससे उद्योगों की जमीन की कमी खत्म हो जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सरकार ने सीधे भूमि खरीद नीति लागू करने की घोषणा की।
- 100 करोड़ रुपये से ऊपर के निवेश के लिए एक-खिड़की मंजूरी प्रणाली शुरू होगी।
- नंदिग्राम और सिंगुर जैसी जमीन विवादों को दोहराने से बचने का लक्ष्य।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने शनिवार को होगल्ली के दंकुनी में 600 करोड़ रुपये मूल्य के लक्स इंडस्ट्री लिमिटेड प्लांट की आधारशिला रखी, जहाँ उन्होंने बताया कि राज्य अब औद्योगिक ज़रूरतों के लिए “अधिग्रहण” नहीं, बल्कि “सीधे खरीद” पर भरोसा करेगा। यह नीति नंदिग्राम‑सिंगुर जैसी भूमि‑विवादों को दोहराने से बचने के लिए तैयार की गई है।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
नंदिग्राम (2007) और सिंगुर (2006) में भूमि अधिग्रहण के दौरान उत्पन्न बड़े विरोध और हिंसा ने राज्य को आर्थिक नुकसान पहुँचाया और निवेशकों की भरोसे को धूमिल किया। अधिकारी ने कहा कि अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भूमि उपलब्धता को “अधिग्रहण” के बजाय “सीधा खरीद” के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे स्थानीय समुदायों के साथ सुलह बनी रहेगी।
नीति के प्रमुख बिंदु
नए “डायरेक्ट लैंड पर्चेज” ढाँचे के तहत, सरकार बीएसएफ, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और नई हवाई अड्डे जैसे सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स के लिए पहले ही जमीन खरीची है। अब निजी उद्योगपतियों को भी वही सुविधा मिलेगी—सरकार जमीन खरीदकर तुरंत सौंपेगी, जिससे औद्योगिक इकाइयों को लंबी प्रक्रिया में फँसना नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए एक-खिड़की मंजूरी प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें वेस्ट बेंगल उद्योग विकास निगम (WBIDC) और संबंधित विभाग मिलकर सभी मंजूरी एक ही मंच पर देंगे।
आर्थिक प्रभाव और राजस्व वृद्धि
अधिकारियों ने कहा कि पिछले तृणमूल कांग्रेस शासक काल में राज्य का ऋण लगभग 8 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया, जबकि बाएँ मोर्चे के समय में यह 2 लाख करोड़ रुपये था। इस कारण निवेश को आकर्षित कर राज्य के स्वयं के राजस्व को बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। एक-खिड़की प्रणाली से समय और लागत दोनों में कमी आएगी, जिससे निवेशकों का भरोसा पुनः स्थापित होगा और रोजगार सृजन में तेजी आएगी।
भविष्य की राह
लक्स कोज़ी इंडस्ट्रीज के संस्थापक आशोक टोडी, उद्योग मंत्री तपस राय और भाजपा राज्य अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य सहित कई प्रमुख हस्तियों ने इस उद्घाटन समारोह में भाग लिया। नई योजना के तहत 12 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में निर्माण होगा, जो सिंगुर से केवल 10 किलोमीटर दूर स्थित है। अधिकारी ने कहा, “डबल‑इंजन सरकार के तहत निवेशकों को स्पष्ट लाभ मिलेगा, और हम कानून व्यवस्था में सुधार जारी रखेंगे।”