तमिलनाडु में कामरराज की 124वीं जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया। पार्टी ने 'लंजम थविर; नेनजम निमिर' के नारे के साथ शासन में शुचिता लाने का संकल्प लिया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कांग्रेस ने कामरराज की 124वीं जयंती पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया।
  • पार्टी का नया नारा है: 'लंजम थविर; नेनजम निमिर' (रिश्वत छोड़ो, सिर ऊंचा रखो)।
  • नेताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लक्ष्य का समर्थन किया।
  • विरुधुनगर में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस और एआईएडीएमके के प्रमुख नेता शामिल हुए।

तमिलनाडु के विरुधुनगर में पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की 124वीं जयंती के अवसर पर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन और समाज कल्याण मंत्री के. जगदीश्वरी ने कामराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं था, बल्कि कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक सशक्त राजनीतिक घोषणापत्र के रूप में उभरा है।

'कामरराज युग' की वापसी का संकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पी. विश्वनाथन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने शीर्ष नेताओं के उस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें एक पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की कल्पना की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 59 वर्षों के बाद तमिलनाडु में एक ऐसे शासन की नींव रखी जा रही है जो नैतिकता पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का उद्देश्य प्रशासन में व्याप्त अनियमितताओं को जड़ से मिटाना है।

नया नारा: 'रिश्वत छोड़ो, सिर ऊंचा रखो'

कांग्रेस ने इस अभियान को धार देने के लिए एक शक्तिशाली नारा दिया है: 'लंजम थविर; नेनजम निमिर', जिसका अर्थ है 'रिश्वत से बचें और अपना सिर गर्व से ऊंचा रखें'। नेताओं का मानना है कि यह नारा भ्रष्ट राजनेताओं के बीच भय पैदा करेगा और आम जनता में ईमानदारी के प्रति विश्वास जगाएगा। विरुधुनगर के सांसद और टीएनसीसी अध्यक्ष बी. माणिकम टैगोर ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि कामराज के शासनकाल के बाद प्रशासन में जो भ्रष्टाचार घुसा, उसे अब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

राजनीतिक एकजुटता और भविष्य की राह

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच भी एक साझा उद्देश्य दिखा। एआईएडीएमके (AIADMK) के नेता के.टी. राजेंद्र भलाजी और पंडियाराजन ने भी कामराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में कामराज की विरासत एक साझा मंच प्रदान कर रही है। कांग्रेस अब इस अभियान को राज्य के कोने-कोने तक ले जाने की तैयारी में है, ताकि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।