उत्तरी प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर अधिनियम के तहत महाराष्ट्र के धरा शिव जिले में स्थित 100 करोड़ रुपये मूल्य की दाल मिल को जब्त किया। यह कार्रवाई पूर्व विधायक विजय मिश्रा के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े संपत्तियों को नष्ट करने के बड़े अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • UP पुलिस ने गैंगस्टर अधिनियम के तहत पहली बार राज्य सीमा के बाहर संपत्ति जब्त की
  • धराशिव, महाराष्ट्र में स्थित लाली एग्रो इंडस्ट्रीज की कीमत लगभग ₹100 करोड़ बताई गई
  • विजय मिश्रा के खिलाफ कुल ₹241.5 करोड़ की संपत्ति अब तक जब्त हो चुकी है

उत्तरी प्रदेश (UP) पुलिस ने गैंगस्टर एवं एंटी‑सोशल एक्ट के तहत एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महाराष्ट्र के धरा शिव जिले में स्थित लाली एग्रो इंडस्ट्रीज नामक दाल मिल को लगभग ₹100.25 करोड़ के मूल्य पर जब्त किया। यह पहला मामला है जिसमें UP पुलिस ने राज्य की सीमा के बाहर कोई संपत्ति जब्त की है, जिससे केंद्रीय अपराध‑निवारण रणनीति में एक नई दिशा स्थापित हुई है।

पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा

गैंगस्टर एक्ट, जिसका पूरा नाम Uttar Pradesh Gangsters and Anti‑Social Activities (Prevention) Act है, राज्य सरकार को संगठित अपराधियों की आय को जब्त करने की शक्ति प्रदान करता है। पिछले पाँच वर्षों में इस अधिनियम के तहत कई बार स्थानीय संपत्तियों को जब्त किया गया, परन्तु इस बार सीमा‑पार जब्ती ने इस कानून की व्यावहारिकता को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया है।

विजय मिश्रा का राजनैतिक सफर और आपराधिक इतिहास

विजय मिश्रा, जो भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे, 2017 तक निशाद पार्टी के टिकट पर चुने गए थे। 2020 में उन्हें आगरा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया, और तब से वे कई गंभीर मामलों में फंसे हुए हैं, जिनमें 2010 का बम हमला, संपत्ति हड़पना, और कई अन्य आर्थिक धोखाधड़ी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ अब तक 87 आपराधिक मामलों की दायरियां की गई हैं, जिनमें से सात मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है।

संपत्ति जब्ती का विस्तृत विवरण

लाली एग्रो इंडस्ट्रीज, जो जेककुर गांव में स्थित है, लगभग 15 साल से संचालन में है। पुलिस का कहना है कि इस मिल को मिश्रा, उनकी पत्नी राम लाली, पुत्र विष्णु और अन्य सहयोगियों ने अवैध आय से निर्मित किया। राज्य‑स्तरीय अनुमति प्राप्त करने के बाद, भदोही पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तत्काल संपत्ति को कब्जे में ले लिया। इस कदम को भदोही के एसपी अभिनव त्यागी ने ‘संगठित अपराध से अर्जित संपत्तियों को तोड़ने के प्रयासों’ का हिस्सा बताया।

भविष्य की संभावनाएँ और राष्ट्रीय प्रभाव

अब तक मिश्रा के खिलाफ कुल ₹241.5 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है, जो राज्य‑स्तर के एंटी‑माफिया अभियानों में एक नई मापदंड स्थापित करती है। इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकारें अब अंतर‑राज्य सहयोग को तेज कर रही हैं, जिससे अपराधियों के लिए ‘सुरक्षित आश्रय’ बनाना कठिन हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सीमा‑पार जब्तियां भविष्य में अधिक सक्रिय निगरानी और तेज़ न्यायिक प्रक्रिया को प्रेरित कर सकती हैं।