बिहार के दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया, जबकि वरिष्ठ नेता नरोट्टम मिश्रा को टिकट नहीं मिला। उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस के आठ जवान घायल हुए।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- नरोट्टम मिश्रा ने पार्टी के निर्णय को स्वीकार किया, कोई नाराजगी नहीं जताई।
- दतिया में भाजपा के समर्थकों ने हड़ताल की, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर 11 घंटे का बंदराव हुआ।
- पुलिस पर पत्थर फेंकने के कारण आठ पुलिसकर्मी घायल हुए; स्थिति को शांत करने के लिए सीटी गैस का प्रयोग किया गया।
मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता नरोट्टम मिश्रा को टिकट नहीं मिला। इस निर्णय पर मिश्रा ने कहा, “कोई समस्या नहीं, बिल्कुल भी दुःख नहीं” और पार्टी के फैसले को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पार्टी के भीतर की प्रतिक्रिया
मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि वह तिवारी के नामांकन में भाग लेंगे, पार्टी के कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास करेंगे और किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, “हम अपने कार्यकर्ताओं को समझाएंगे, वे हमारे लोग हैं, सब सहमत हो जाएगा। मैं किसी से कोई नाराज़गी नहीं रखता।” यह बयान भाजपा के भीतर एकीकरण की भावना को दर्शाता है, जिससे पार्टी को आगामी चुनाव में आंतरिक तनाव कम करने की उम्मीद है।
दतिया में हिंसक विरोध
मिश्रा के समर्थकों ने शुक्रवार शाम दतिया में हड़ताल की, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को लगभग 11 घंटे तक बंद कर दिया गया। इस बंदराव ने 20‑25 किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम पैदा किया, जिससे दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर जिलों में आवागमन बाधित हुआ। पुलिस ने पत्थर फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सीटी गैस का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। दतिया जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वंखेडे ने कहा कि प्रशासन ने रात भर शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश की, पर संवाद विफल रहने पर बल प्रयोग किया गया।
उपचुनाव का पृष्ठभूमि
यह बायपोल 30 जुलाई को निर्धारित है, जबकि परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती की बर्खास्तगी के बाद आवश्यक हो गया, जिन्होंने एक धोखाधड़ी मामले में सजा सुनाई गई थी। मिश्रा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया सीट खो दी थी, इसलिए पार्टी ने नई रणनीति अपनाते हुए तिवारी को उम्मीदवार बनाया।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की दिशा
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जितु पटवारी ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया है और जिला कलेक्टर तथा एसपी के पदावनत होने की मांग की है। यदि भाजपा इस उपचुनाव में जीत हासिल करती है, तो यह पार्टी की शासकीय शक्ति को मजबूत करेगा, जबकि कांग्रेस को पुनः पुनरुद्धार की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस परिदृश्य में नरोट्टम मिश्रा का सहयोगी रवैया पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण हो सकता है।