तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायकों को रिश्वत देने के कथित प्रयास में गिरफ्तार दो आरोपियों ने जमानत के लिए मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इससे पहले चेन्नई की सत्र अदालत ने जांच के महत्वपूर्ण चरण और हवाला लेनदेन के खुलासे का हवाला देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
मुख्य बातें
- TVK विधायकों को रिश्वत देने के मामले में दो आरोपी जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचे।
- पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालजी पर ₹35 करोड़ प्रति विधायक रिश्वत देने का आरोप है।
- चेन्नई सत्र न्यायालय ने पहले जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
- आरोपियों ने पुलिस पर जबरन इकबालिया बयान लेने का आरोप लगाया है।
चेन्नई की जिला और सत्र अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद, तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायकों को रिश्वत देने के कथित मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने अब मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है। आरोपियों की पहचान एस. कार्तिक और टी. रमेश के रूप में हुई है, जिन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत की मांग की है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उथंगराई के TVK विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत पर त्रिलीकेन पुलिस ने 30 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इस मामले में पूर्व DMK मंत्री और वर्तमान कोयंबटूर दक्षिण के विधायक वी. सेंथिलबालजी पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि उन्होंने प्रत्येक TVK विधायक को तोड़ने के लिए ₹35 करोड़ और बिचौलियों के लिए ₹5 करोड़ के कमीशन का प्रस्ताव दिया था।
आरोपियों के दावे बनाम अभियोजन पक्ष
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उनका नाम मूल प्राथमिकी में नहीं था और उन्हें बिना किसी नोटिस के गिरफ्तार किया गया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्हें 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया और उन्हें सेंथिलबालजी एवं उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार को फंसाने के लिए जबरन बयान देने के लिए मजबूर किया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल राजनीतिक भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक स्थिरता और 'हवाला' जैसे बड़े वित्तीय अपराधों के नेटवर्क को भी उजागर करता है। यदि यह आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।
राजनीतिक दल बदलने के लिए करोड़ों का लेनदेन लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला कदम है।
दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि ये आरोपी साजिश के मुख्य सूत्रधारों में से एक हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने विभिन्न होटलों में बैठकें कीं और हवाला लेनदेन के लिए ₹100 और ₹20 के नोटों के स्कैन किए गए नमूने भी साझा किए। पुलिस का कहना है कि जमानत देने से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है।
Frequently Asked Questions
1. TVK विधायकों को कितनी रिश्वत देने का आरोप है?
आरोप के अनुसार, प्रति विधायक ₹35 करोड़ और बिचौलियों के लिए ₹5 करोड़ का प्रस्ताव दिया गया था।
2. आरोपियों ने अदालत में क्या आरोप लगाए हैं?
आरोपियों ने पुलिस पर अवैध गिरफ्तारी, बिना नोटिस पूछताछ और जबरन इकबालिया बयान लेने का आरोप लगाया है।