समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद में आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 1 लाख से अधिक स्कूल बंद कर पिछड़े समुदायों के शिक्षा अधिकार छीन लिए हैं। केंद्र ने स्पष्ट किया कि स्कूलों का विलय और बंदी राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है।

मुख्य बिंदु

  • अखिलेश यादव ने देशभर में 1 लाख से अधिक स्कूलों के बंद होने का दावा किया।
  • केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा 'समवर्ती सूची' का विषय है और निर्णय राज्यों के पास है।
  • UDISE+ डेटा के अनुसार, सरकारी स्कूलों की संख्या 2021-22 के 10.22 लाख से घटकर 2025-26 में 10.05 लाख रह गई है।

संसद के मानसून सत्र के दौरान, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश भर में 1 लाख से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे पिछड़े समुदायों के मौलिक शिक्षा अधिकार प्रभावित हुए हैं।

अखिलेश यादव ने केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य में 26,000 से अधिक प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया है। उनके अनुसार, यह कदम समाज के सबसे कमजोर वर्गों को शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर करने जैसा है।

केंद्र की प्रतिक्रिया और कानूनी स्थिति

सदन में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में, शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संविधान की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के अंतर्गत आती है। इसका अर्थ है कि स्कूलों को खोलने, उनके विलय या उन्हें बंद करने का निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूलों का एकीकरण या विलय केवल तभी किया जा सकता है जब वह विवेकपूर्ण हो और इससे छात्रों की शिक्षा तक पहुंच बाधित न हो।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्कूलों की संख्या में यह गिरावट केवल सांख्यिकीय बदलाव नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शैक्षिक बुनियादी ढांचे के संकट को दर्शाती है। यदि स्कूलों का विलय सही ढंग से नहीं किया गया, तो यह ड्रॉपआउट दर को बढ़ा सकता है।

शिक्षा का अधिकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर स्कूलों की उपलब्धता से सुनिश्चित होता है।
क्या आप जानते हैं?: UDISE+ डेटा के अनुसार, भारत में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या 2021-22 में 10,22,386 थी, जो 2025-26 तक घटकर 10,05,245 रह गई है।

Frequently Asked Questions

1. क्या स्कूल बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार लेती है?
नहीं, शिक्षा समवर्ती सूची में है, इसलिए स्कूलों के विलय या बंदी का निर्णय राज्य सरकारें लेती हैं।

2. NEP 2020 स्कूलों के विलय के बारे में क्या कहती है?
NEP 2020 केवल तभी स्कूलों के एकीकरण की अनुमति देती है जब इससे छात्रों की शिक्षा पर बुरा असर न पड़े।