कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने असामान्य रूप से उच्च ASDDO (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत और अन्य) आंकड़ों वाले क्षेत्रों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। बेंगलुरु के कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की एक बड़ी संख्या इस श्रेणी में डाल दी गई है।

मुख्य बातें

  • बेंगलुरु के 9 निर्वाचन क्षेत्रों में 40% से अधिक मतदाता ASDDO श्रेणी में हैं।
  • मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने असामान्य आंकड़ों वाले क्षेत्रों की समीक्षा का आदेश दिया है।
  • कांग्रेस ने 80 लाख से अधिक मतदाताओं के इस श्रेणी में होने पर चिंता जताई है।
  • BLO द्वारा भौतिक सत्यापन की प्रक्रियाओं में लापरवाही के आरोप लगे हैं।

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) वी. अंबु कुमार ने बुधवार को घोषणा की कि जिन क्षेत्रों में 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट, मृत और अन्य' (ASDDO) श्रेणी के तहत मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से अधिक या कम पाई जाती है, उनकी गहन समीक्षा की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया है जब बेंगलुरु के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के एक बड़े हिस्से को इस श्रेणी में वर्गीकृत करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बेंगलुरु में आंकड़ों का चौंकाने वाला गणित

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु के कम से कम नौ विधानसभा क्षेत्रों में 40% से अधिक मतदाता ASDDO श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी क्षेत्र में यह आंकड़ा 30% से नीचे नहीं है। बसवनागुड़ी और बोम्मनहल्ली में सबसे अधिक स्थिति देखी गई है, जहाँ 47% से अधिक मतदाता इस श्रेणी में डाल दिए गए हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि मतदाता सूची में इस तरह के बड़े पैमाने पर वर्गीकरण से आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। यदि वास्तविक मतदाता 'स्थानांतरित' या 'अनुपस्थित' के रूप में गलत तरीके से चिह्नित किए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची का सटीक होना अनिवार्य है, अन्यथा बड़े पैमाने पर मताधिकार का हनन हो सकता है।

हालाँकि, मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हर वर्गीकरण के पीछे दस्तावेजी या फील्ड साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को गलत तरीके से चिह्नित किया गया है, तो वे सुधार के लिए निर्धारित फॉर्म जमा कर सकते हैं।

विपक्ष का हस्तक्षेप और प्रक्रियात्मक खामियां

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक ज्ञापन सौंपकर चिंता व्यक्त की है कि लगभग 80 लाख मतदाताओं को ASDDO श्रेणी में रखा गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले दूसरे दौर का भौतिक सत्यापन किया जाए। दूसरी ओर, बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) ने स्वीकार किया है कि सत्यापन की प्रक्रिया हमेशा मानक प्रक्रियाओं के अनुसार नहीं अपनाई गई, जिससे कई परिवारों के सदस्यों को गलती से 'स्थानांतरित' मान लिया गया।

क्या आप जानते हैं?: चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, किसी मतदाता को 'स्थानांतरित' घोषित करने से पहले बीएलओ (BLO) को कम से कम तीन बार भौतिक रूप से घर का दौरा करना अनिवार्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ASDDO श्रेणी का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है वे मतदाता जो अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), डुप्लिकेट (Duplicate), मृत (Dead) या अन्य (Others) श्रेणियों में आते हैं।

2. यदि मेरा नाम गलत तरीके से हटा दिया गया है तो मैं क्या करूँ?
आप चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्म भरकर अपना विवरण सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं।