तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने घोषणा की है कि धरणी पोर्टल के माध्यम से किए गए अवैध भूमि हस्तांतरणों की फास्ट-ट्रैक जांच की जा रही है। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को उजागर किया गया है।

मुख्य बातें

  • धरणी पोर्टल के माध्यम से किए गए संदिग्ध भूमि लेनदेन की फास्ट-ट्रैक जांच शुरू।
  • पिछली बीआरएस सरकार के दौरान सरकारी भूमि के अवैध हस्तांतरण के आरोप।
  • राजस्व विभाग द्वारा स्टाम्प और पंजीकरण से होने वाली आय में भारी वृद्धि।
  • आबंटित भूमि (Assigned Lands) के लिए एक नई व्यापक नीति जल्द आएगी।

तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धरणी पोर्टल के दुरुपयोग के माध्यम से अवैध रूप से भूमि कब्जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले भारत राष्ट्र समिति (BRS) शासन के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं, जैसे अवैध म्यूटेशन और सरकारी भूमि का अनधिकृत हस्तांतरण किया गया था।

मंत्री ने बताया कि धरणी पोर्टल के तहत किए गए सभी लेनदेन, जिन्हें बाद में भू भारती (Bhu Bharati) प्रणाली में स्थानांतरित किया गया था, वर्तमान में गहन जांच के दायरे में हैं। सरकार इस बात की भी जांच कर रही है कि 'प्रतिबंधित भूमि सूची' (Prohibited Land List) में क्या विसंगतियां हैं। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस सरकार ने निजी भूमि को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता की कमी अक्सर भ्रष्टाचार और कानूनी विवादों का मुख्य कारण बनती है। धरणी पोर्टल की जांच न केवल राजस्व की रक्षा करेगी, बल्कि भविष्य में भूमि प्रबंधन के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगी।

'भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य के आर्थिक ढांचे और नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है।'

राजस्व वृद्धि के संबंध में, श्री रेड्डी ने जानकारी दी कि भूमि बाजार मूल्यों के हालिया संशोधन के बाद राजस्व में 10% से 20% की वृद्धि हुई है। स्टाम्प और पंजीकरण विभाग से होने वाली वार्षिक आय, जो सरकार के सत्ता संभालने के समय ₹13,000 करोड़ थी, अब ₹15,000 करोड़ तक पहुंच गई है और इस वित्तीय वर्ष में इसके ₹18,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तेलंगाना में भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए 'धरणी' पोर्टल को एक डिजिटल समाधान के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता लाना था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण इसे भू-माफियाओं द्वारा दुरुपयोग का जरिया बनाने के आरोप लगते रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या निजी भूमि भी प्रतिबंधित सूची में है?
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निजी भूमि या घर के भूखंडों को सूची में शामिल करने के दावे पूरी तरह से गलत हैं।

2. आबंटित भूमि (Assigned Lands) के लिए सरकार क्या कर रही है?
सरकार लगभग 85,000 एकड़ आबंटित भूमि के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक नीति बना रही है।

क्या आप जानते हैं?: तेलंगाना सरकार का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में स्टाम्प और पंजीकरण से ₹18,000 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त करना है।