हाथकरघा, वस्त्र और खादी मंत्री एम. विजय बालाजी ने कन्नियाकुमारी का दौरा किया, जहां उन्होंने स्पिनिंग मिल, बुनकर सहकारी समितियों और मधुमक्खी पालकों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने श्रमिकों के स्थायीकरण और जीएसटी छूट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्य बातें
- मंत्री एम. विजय बालाजी ने अरलवैमोझी स्थित जिला सहकारी स्पिनिंग मिल का निरीक्षण किया।
- बुनकर उत्पादों पर 5% जीएसटी हटाने के लिए केंद्र सरकार से मांग की गई है।
- मर्थंडम मधुमक्खी पालकों की सोसायटी के उत्पादन को बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।
- अस्थायी श्रमिकों को स्थायी करने के मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
तमिलनाडु के हाथकरघा, वस्त्र और खादी मंत्री एम. विजय बालाजी ने शनिवार को कन्नियाकुमारी जिले के विभिन्न सहकारी संस्थानों का विस्तृत दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ प्रधान सचिव टी.एन. वेंकटेश और जिला कलेक्टर एम. प्रताप भी मौजूद रहे। मंत्री ने अरलवैमोझी स्थित जिला सहकारी स्पिनिंग मिल और वडासेरी में प्राथमिक हथकरघा बुनकर सहकारी उत्पादन और बिक्री सोसायटी का बारीकी से निरीक्षण किया।
अरलवैमोझी स्थित यह स्पिनिंग मिल वर्ष 1965 से कार्यरत है। वर्तमान में इसमें 22,800 स्पिंडल हैं, जो विभिन्न प्रकार के धागों का उत्पादन करते हैं। मिल में कुल 244 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 62 स्थायी कर्मचारी शामिल हैं। मंत्री ने मशीनरी की कार्यक्षमता और दैनिक उत्पादन की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिल को और अधिक लाभदायक बनाने के लिए उत्पादन गुणवत्ता में सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं।
बुनकरों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद
बुनकरों की समस्याओं पर बात करते हुए, मंत्री बालाजी ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने हथकरघा उत्पादों पर 5% जीएसटी (GST) को समाप्त करने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस मामले पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने मिल के अस्थायी श्रमिकों को स्थायी करने की मांग पर कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।
बुनकर उत्पादों पर जीएसटी में कटौती न केवल कारीगरों की आय बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारतीय हथकरघा की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत करेगी।
वडासेरी स्थित बुनकर सहकारी सोसायटी की सफलता पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष (2025-2026) में इस संस्था ने ₹2.60 करोड़ के वस्त्रों का उत्पादन किया और ₹3.04 करोड़ की बिक्री की, जिससे यह निरंतर लाभ में चल रही है। इसके बाद, उन्होंने मर्थंडम में मधुमक्खी पालकों की सहकारी सोसायटी का भी दौरा किया, जहाँ 1,433 सदस्य कार्यरत हैं। उन्होंने मर्थंडम शहद के उत्पादन और बिक्री को बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कन्नियाकुमारी क्षेत्र पारंपरिक रूप से अपने हथकरघा और कृषि आधारित सहकारी मॉडल के लिए जाना जाता है। 1960 के दशक में स्थापित सहकारी स्पिनिंग मिलों ने स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो अब आधुनिक तकनीक के साथ खुद को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. मंत्री ने बुनकरों के लिए क्या विशेष मांग की है?
मंत्री ने हथकरघा उत्पादों पर लगने वाले 5% जीएसटी को हटाने की मांग की है ताकि बुनकरों को आर्थिक लाभ मिल सके।
2. अरलवैमोझी स्पिनिंग मिल की क्षमता क्या है?
इस मिल में 22,800 स्पिंडल हैं और यह विभिन्न प्रकार के उच्च गुणवत्ता वाले धागों का उत्पादन करती है।