त्रिनामूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में चल रही जनगणना को लेकर गंभीर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को सूचना नहीं दी गई और यह फिर से विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) बन सकता है।
मुख्य बिंदु
- ममता बनर्जी ने जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सतर्कता जताई।
- त्रिनामूल कांग्रेस को कोई सूचना नहीं मिली, जिससे SIR की आशंका बढ़ी।
- बिहार के खिलाफ BJP के दबाव और पोलिसी दुरुपयोग के आरोप भी सामने आए।
पश्चिम बंगाल में 2027 की जनगणना का पहला चरण ऑनलाइन स्व-गणना के माध्यम से शुरू हो चुका है, जबकि ममता बनर्जी ने फेसबुक के लाइवस्ट्रीम में कहा कि "जनगणना शुरू हो गई है, पर कोई राजनीतिक पार्टी को सूचित नहीं किया गया"। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह फिर से एक विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) बन जाएगा।
बनर्जी ने यह आरोप लगाया कि भाजपा ने मुस्लिम वोटर सूची को हटाकर CAA को बैकडोर से लागू करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि "भाजपा ने पुलिस का दुरुपयोग कर हमारे विधायक और सांसदों को डराया है" और यह कहा कि "सोनार बंगला जेल बन गया है"।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2019 में पश्चिम बंगाल में विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) के दौरान 90 लाख से अधिक मतदाता नाम हटाए गए थे, जिससे बड़े राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुए थे। तब भी कई अदालतों और विशेष अपीलीय न्यायाधिकरणों ने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाए थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that any perception of electoral manipulation can destabilize democratic institutions and fuel communal tensions, especially in a politically sensitive state like West Bengal.
"एक स्वतंत्र जनगणना लोकतंत्र की नींव है; यदि इसे राजनीतिक हितों के लिए मोड़ा गया तो पूरे देश की साख खतरे में पड़ती है," कहते हैं राजनैतिक वैज्ञानिक प्रो. अंशु शर्मा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या जनगणना के दौरान SIR प्रक्रिया फिर से लागू हो सकती है?
उत्तर: वर्तमान में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, पर राजनीतिक नेताओं ने इस संभावना को लेकर चिंता व्यक्त की है।
प्रश्न 2: स्व-गणना का अंतिम चरण कब समाप्त होगा?
उत्तर: ऑनलाइन स्व-गणना की पहली चरण 15 अगस्त तक खुली रहेगी, उसके बाद क्षेत्रीय सर्वेक्षण शुरू होगा।