रanchi के प्रमुख छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो झारखंड में JPSC‑JSSC परीक्षा के घोटालों के खिलाफ हड़ताल के केंद्र में हैं। 5 अगस्त 2026 को छात्रों ने आठवीं लगातार दिन तक प्रदर्शन जारी रखा।
मुख्य बिंदु
- देवेन्द्रनाथ महतो झारखंड के JPSC‑JSSC विरोध के प्रमुख नेता हैं।
- विद्यार्थी 8वें दिन तक हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
- सीबीआई जांच और भर्ती बोर्ड में सुधार की मांग की जा रही है।
प्रमुख घटनाएँ
रanchi के छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो ने 29 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन बैठकों की अगुवाई की है। 5 अगस्त 2026 को छात्रों ने सातवें दिन के बाद भी अपनी हड़ताल जारी रखी, जबकि छह छात्र भूख हड़ताल में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ‘JPSC में सीबीआई जांच चाहिए’, ‘छात्र एकता अमर रहे’ और ‘हेमंत सोरेन पर शर्म’ जैसे नारे लगाए। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और CJP नेता अभिजीत दीपके ने भी समर्थन जताया, जिससे आंदोलन का दायरा विस्तारित हुआ।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झारखंड में सार्वजनिक सेवा चयन परीक्षा के साथ कई बार पेपर लीक के आरोप लगे हैं। 2019‑2022 के बीच भी समान विरोध हुए थे, लेकिन इस बार छात्रों ने व्यापक सामाजिक समर्थन और राष्ट्रीय स्तर की मीडिया कवरेज हासिल की है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the sustained student uprising could pressure the state government to overhaul recruitment processes, setting a precedent for other Indian states facing similar exam irregularities.
“यदि झारखंड में परीक्षा सुधार लागू नहीं होते, तो यह पूरे देश में सार्वजनिक सेवाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकता है।” – प्रो. अजय कुमार, सार्वजनिक प्रशासन विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
उत्तर: 14वीं JPSC परीक्षा की रद्दी, सीबीआई जांच, और JPSC‑JSSC बोर्डों में पारदर्शिता व सुधार।
प्रश्न 2: सरकार ने इस विरोध पर कैसे प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा लीक राष्ट्रीय मुद्दा है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है; साथ ही जामुती मोर्चा एक उच्च स्तरीय समिति बनाकर समाधान का वादा किया।