मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची तैयार करने में निर्वाचन आयोग की अभूतपूर्व पारदर्शिता का दावा किया है। उन्होंने बताया कि 70 करोड़ मतदाताओं के लिए विशेष पुनरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है।

मुख्य बातें

  • निर्वाचन आयोग मतदाता सूची बनाने में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता बरतता है।
  • 70 करोड़ मतदाताओं के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का काम पूरा हो चुका है।
  • 35 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया अभी जारी है।
  • नागरिक ECI Net मोबाइल ऐप के जरिए 1951 से चुनावी डेटा देख सकते हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में आयोग 'बेमिसाल पारदर्शिता' का पालन करता है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की शक्ति को रेखांकित किया।

श्री कुमार ने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं। उन्होंने मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि लगभग 70 करोड़ मतदाताओं के लिए यह अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 35 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन का कार्य अभी चल रहा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी लोकतंत्र की नींव है। मतदाता सूची का सटीक होना निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को ऑडिट की अनुमति देना और सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रमाणन प्रक्रिया इस विश्वास को मजबूत करती है कि डेटा के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में पारदर्शिता केवल एक मानक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विश्वास का आधार है।

चुनाव आयुक्त ने नागरिकों से ECI Net मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह ऐप मतदाताओं को 1951 से लेकर अब तक के चुनावी डेटा और महत्वपूर्ण जानकारी तक सीधी पहुंच प्रदान करता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में चुनावी प्रक्रिया का इतिहास दशकों पुराना है। 1951 में पहले आम चुनाव के बाद से, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों को डिजिटल और अधिक सटीक बनाने के लिए कई चरणों में सुधार किए हैं। वर्तमान में चल रहा 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' इसी आधुनिकता और सटीकता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या आप जानते हैं?: लोकसभा चुनावों के दौरान भारत में लगभग 18 लाख कर्मी चुनावी ड्यूटी में तैनात किए जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मतदाता सूची का ऑडिट कौन कर सकता है?
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची का ऑडिट करने की अनुमति दी जाती है।

2. ECI Net ऐप का क्या उपयोग है?
इस ऐप के माध्यम से आप निर्वाचन आयोग की जानकारी और 1951 से चुनावी डेटा प्राप्त कर सकते हैं।