प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया विदेशी दौरों ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026 के शुरुआती महीनों में ही सरकार पर भारी बोझ पड़ा है।

मुख्य बातें

  • 2026 के पहले 7 महीनों में प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर ₹74.58 करोड़ खर्च हुए।
  • 2021 से अब तक कुल खर्च ₹550 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
  • मई 2026 में पांच देशों की यात्रा पर सबसे अधिक ₹17.46 करोड़ खर्च हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे हमेशा से ही राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहे हैं। जहाँ एक ओर सरकार इन यात्राओं को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए आवश्यक बताती है, वहीं विपक्षी दल इसे केवल प्रचार का जरिया और सरकारी खजाने पर बोझ करार देते हैं।

बढ़ता हुआ खर्च: आंकड़ों की जुबानी

राज्यसभा में विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर कुल ₹74.58 करोड़ का खर्च आया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की लागत कितनी अधिक हो सकती है।

वर्षों के अनुसार खर्च का विवरण

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में विदेशी दौरों पर होने वाले खर्च में निरंतर वृद्धि हुई है।

वर्षकुल खर्च (करोड़ रुपये में)
202136 करोड़
202255 करोड़
202393 करोड़
2024109 करोड़
2025180 करोड़
2026 (7 माह)74.58 करोड़

BozokMedia विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि 2025 में खर्च अपने उच्चतम स्तर पर था, जो ₹180 करोड़ तक पहुँच गया था। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सरकार बड़े निवेश कर रही है।

कूटनीतिक यात्राओं की लागत अक्सर उनके द्वारा लाए गए दीर्घकालिक आर्थिक लाभों और रणनीतिक समझौतों के सामने गौण हो जाती है।

Why This Matters

यह मुद्दा केवल खर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जुड़ा है। विपक्ष का तर्क है कि जब देश के भीतर आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं, तब इतने बड़े पैमाने पर खर्च विवाद का विषय है।

क्या आप जानते हैं?: प्रधानमंत्री की एक एकल विदेशी यात्रा में सुरक्षा, रसद और राजनयिक प्रोटोकॉल के कारण खर्च कई गुना बढ़ जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 2021 से अब तक कुल कितना खर्च हुआ है?
उत्तर: 2021 से अब तक प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर कुल खर्च ₹550 करोड़ से अधिक हो चुका है।

प्रश्न 2: सबसे महंगा महीना कौन सा रहा?
उत्तर: मई 2026 में पांच देशों की यात्रा के दौरान सबसे अधिक ₹17.46 करोड़ खर्च किए गए थे।