कर्नाटक सरकार ने विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता फॉर्मों के 100% डिजिटलीकरण का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। करोड़ों मतदाताओं ने सफलतापूर्वक अपनी जानकारी डिजिटल रूप में अपडेट की है।
मुख्य बातें
- SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता फॉर्मों का 100% डिजिटलीकरण पूरा हुआ।
- 1.76 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने स्वयं को मैप किया है।
- 2.34 करोड़ मतदाताओं ने खुद को वंशज (progeny) के रूप में मैप किया है।
- 33.61 लाख मतदाता अभी भी अनमैप्ड हैं।
बेंगलुरु: कर्नाटक ने चुनावी प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत फॉर्मों के 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रविवार को डेटा प्रविष्टि के अंतिम चरण के पूरा होने के साथ ही, राज्य अब एक अधिक सटीक और डिजिटल मतदाता सूची की ओर बढ़ रहा है।
इस प्रक्रिया के दौरान, कुल डिजिटाइज्ड फॉर्मों में से 1.76 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने स्वयं को मैप किया है, जबकि 2.34 करोड़ लोगों ने खुद को अपने परिवार के वंशज के रूप में सफलतापूर्वक दर्ज किया है। हालांकि, एक चुनौती अभी भी बनी हुई है; लगभग 33.61 लाख मतदाता (कुल मतदाताओं का 6.06%) अभी भी 'अनमैप्ड' हैं, जिसका अर्थ है कि वे 2002 की मतदाता सूची में अपना या अपने परिवार का नाम नहीं ढूंढ सके।
महत्वपूर्ण आंकड़े
| विवरण | संख्या (करोड़ में) |
|---|---|
| स्वयं-मैप्ड मतदाता | 1.76+ |
| वंशज के रूप में मैप्ड | 2.34 |
| अनमैप्ड मतदाता | 0.33 |
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय को 16 जून से 8 अगस्त के बीच मतदाता सूची में शामिल करने, हटाने और सुधार के लिए 12.68 लाख फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इनमें से 8.37 लाख से अधिक आवेदन 'फॉर्म 8' के हैं, जिनका उपयोग निवास स्थान बदलने, प्रविष्टियों में सुधार करने या विकलांग व्यक्तियों (PwD) के रूप में चिह्नित करने के लिए किया जाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह डिजिटलीकरण न केवल चुनावी धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य के चुनावों में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को भी अत्यधिक सरल और पारदर्शी बना देगा। डिजिटल मैपिंग से पारिवारिक संबंधों की पहचान करना आसान हो जाएगा, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ेगी।
डिजिटलीकरण की यह सफलता कर्नाटक को भारत के सबसे उन्नत डिजिटल लोकतंत्रों में से एक के रूप में स्थापित करती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में मतदाता सूची का प्रबंधन दशकों से भौतिक प्रतियों और मैन्युअल प्रविष्टियों पर निर्भर रहा है। कर्नाटक का यह SIR अभियान इस पारंपरिक ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने का एक बड़ा प्रयास है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'अनमैप्ड' मतदाता कौन हैं?
वे मतदाता जो 2002 की पुरानी मतदाता सूची में अपना या अपने परिवार का नाम खोजने में असमर्थ रहे हैं।
2. फॉर्म 8 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उपयोग पता बदलने, जानकारी सुधारने या विकलांगता श्रेणी जोड़ने जैसे कार्यों के लिए किया जाता है।