दिल्ली विधानसभा ने पुराने बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून को निरस्त कर दिया है। नई नीति के तहत अब स्व-प्रमाणन के माध्यम से मात्र सात दिनों में 'मानित मंजूरी' (deemed approval) मिल सकेगी।

मुख्य बातें

  • 2007 के पुराने बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून को विधानसभा द्वारा रद्द किया गया।
  • नई नीति में स्व-प्रमाणन (self-certification) और स्व-नवीकरण का प्रावधान है।
  • पंजीकरण की समय सीमा 30 दिनों से घटाकर केवल 7 कार्य दिवस कर दी गई है।
  • विधानसभा ने स्लम पुनर्वास और अग्नि सेवा से संबंधित तीन अन्य विधेयक भी पारित किए।

दिल्ली विधानसभा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) सुविधाओं को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानून को निरस्त करने वाला विधेयक पारित किया। यह निर्णय मालवीय नगर में एक B&B सुविधा में लगी भीषण आग, जिसमें कई विदेशी नागरिकों सहित 23 लोगों की मौत हो गई थी, के लगभग दो महीने बाद लिया गया है।

उद्योग मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार अब B&B के संचालन के लिए एक नया कानूनी ढांचा लाएगी। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने संकेत दिया कि 'दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति, 2026' पर काम तेजी से चल रहा है, जिसका मसौदा पहले ही सार्वजनिक किया जा चुका है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह नीतिगत बदलाव दिल्ली में पर्यटन और छोटे व्यवसायों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देगा। 2007 के पुराने कानून में पंजीकरण की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी थी, जिसे अब सुव्यवस्थित किया जा रहा है।

स्व-प्रमाणन मॉडल से नौकरशाही की बाधाएं कम होंगी, लेकिन सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए सख्त ऑडिट की आवश्यकता होगी।

नई प्रस्तावित नीति में 'मानित मंजूरी' (deemed approval) का प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि यदि सात कार्य दिवसों के भीतर प्रशासन कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। यह प्रक्रिया 30 दिनों के पुराने नियम के मुकाबले बहुत तेज है।

अन्य महत्वपूर्ण विधेयक

विधानसभा ने तीन अन्य महत्वपूर्ण बिल भी पारित किए: दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026, जो स्लम पुनर्वास के लिए कट-ऑफ तिथि को 1 जनवरी 2026 तक बढ़ाता है। इसके अलावा, नागरिक सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और दिल्ली फायर सर्विस में संशोधन से संबंधित विधेयक भी पारित किए गए।

इन सभी चार विधेयकों को अब अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: दिल्ली में नए नियमों के तहत अब व्यवसायी स्वयं को प्रमाणित कर सकेंगे, जिससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत कम होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नई B&B नीति का मुख्य लाभ क्या है?
इसका मुख्य लाभ पंजीकरण प्रक्रिया का तेज होना है, जो अब 30 दिनों के बजाय केवल 7 दिनों में पूरी हो जाएगी।

2. क्या ये विधेयक तुरंत लागू हो जाएंगे?
नहीं, इन विधेयकों को लागू होने से पहले उपराज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता है।