कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरएसएस के बदलते स्वरूप और सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बिंदु

  • राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमला किया।
  • आरएसएस पर बड़े कॉर्पोरेट घरानों, विशेषकर अडानी समूह के प्रभाव का आरोप लगाया।
  • संसद में अमित शाह की अनुपस्थिति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा की।

नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन' में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य मौजूदा सत्ता संरचना को चुनौती देना है। राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा, "हमारा काम बहुत सिंपल है, हम इनको पागल कर देंगे।"

राजनीतिक वार और व्यक्तिगत टिप्पणी

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि नरेंद्र मोदी रात को सो नहीं पाते हैं, जिसके पीछे कई 'छिपे हुए कारण' हैं। उन्होंने अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें चाणक्य या सरदार पटेल के समान माना जाता था, वे संसद के भीतर जनता की अभिव्यक्ति का सामना करने से कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह 20 दिनों तक संसद भवन में नहीं आ पाए क्योंकि वे भारत की बदलती अभिव्यक्ति से घबरा गए हैं।

आरएसएस और कॉर्पोरेट गठजोड़ का आरोप

सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी ने RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के बदलते स्वरूप पर एक बड़ा खुलासा करने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस अब पहले जैसा संगठन नहीं रहा। उन्होंने कहा, "पहले आरएसएस में छोटे व्यवसायी, सुनार और लोहार जैसे लोग होते थे, लेकिन आज आरएसएस मिस्टर अडानी का हथियार बन गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपति समूहों ने आरएसएस पर कब्जा कर लिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राहुल गांधी का यह बयान केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा है जो सीधे तौर पर 'पूंजीवाद बनाम आम आदमी' के नैरेटिव पर केंद्रित है। आरएसएस और कॉर्पोरेट जगत के बीच संबंधों को लेकर उनके आरोप आने वाले चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकते हैं।

"राहुल गांधी का यह हमला दर्शाता है कि कांग्रेस अब सीधे तौर पर विचारधारा और आर्थिक शक्ति के गठजोड़ को चुनौती देने की कोशिश कर रही है।"
क्या आप जानते हैं?: राहुल गांधी ने इस सम्मेलन में 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' पर जोर देते हुए कहा कि वे किसी भी विचार की रक्षा करेंगे, चाहे वह उन्हें पसंद आए या नहीं।

Frequently Asked Questions

1. राहुल गांधी ने आरएसएस के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस अब बड़े कॉर्पोरेट घरानों, विशेषकर अडानी समूह के प्रभाव में है और इसका मूल स्वरूप बदल गया है।

2. 'रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन' कहाँ आयोजित किया गया था?
यह सम्मेलन नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित किया गया था।