प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है। महबूबा मुफ्ती ने किरेन रिजिजू को चुनौती देते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और गर्व से 'दिमागी नक्सल' हैं।

मुख्य बातें

  • प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर केंद्र और विपक्ष में टकराव।
  • किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले 'दिमागी नक्सल' हैं।
  • महबूबा मुफ्ती ने पलटवार करते हुए खुद को 'दिमागी नक्सल' स्वीकार किया।
  • कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने इस शब्दावली की आलोचना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए 'दिमागी नक्सल' (Mental Naxal) शब्द के बाद देश की राजनीति में उबाल आ गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के इस बयान का पुरजोर समर्थन किया है, जिससे जम्मू-कश्मीर की प्रमुख नेता महबूबा मुफ्ती के साथ उनका सीधा टकराव हो गया है।

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का इशारा पूरे विपक्ष की ओर नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान को नकारते हैं, अलगाववादियों के पक्ष में खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं, उन्हें ही 'दिमागी नक्सल' कहा जाना चाहिए। रिजिजू ने पूर्वोत्तर की सुरक्षा के लिए 'चिकन नेक' क्षेत्र को खतरा बताने वालों पर भी निशाना साधा।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि यह भारत की वैचारिक लड़ाई का नया मोर्चा है। 'अर्बन नक्सल' से लेकर 'दिमागी नक्सल' तक की यात्रा यह दर्शाती है कि सत्ता पक्ष अब विपक्ष के वैचारिक आधार को सीधे तौर पर चुनौती दे रहा है।

'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल राजनीतिक विमर्श को ध्रुवीकृत करने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है।

महबूबा मुफ्ती ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद और पीएम मोदी नजर आ रहे हैं। उन्होंने लिखा, "मैं आर्टिकल 370 का समर्थन करती हूं। मैं दिमागी नक्सल हूं।" मुफ्ती का यह बयान उनके अडिग राजनीतिक रुख को दर्शाता है।

इस बीच, विपक्षी खेमे से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। सांसद मनोज झा ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राजनीतिक शब्दावली का विस्तार कर रहे हैं और जल्द ही हमें एक नए शब्दकोश की जरूरत पड़ेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने इसे 'अर्बन नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे पुराने शब्दों का नया संस्करण करार दिया है।

क्या आप जानते हैं?: 'नक्सलवाद' शब्द पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से आया है, जहाँ 1967 में एक किसान विद्रोह हुआ था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 'दिमागी नक्सल' शब्द का क्या अर्थ है?
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह उन लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द है जो वैचारिक रूप से अराजकता फैलाते हैं और देश की अखंडता के खिलाफ काम करते हैं।

2. महबूबा मुफ्ती ने इस पर क्या कहा?
मुफ्ती ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और यदि यह 'दिमागी नक्सल' होना है, तो वह इसे स्वीकार करती हैं।