लद्दाख में 14.15 किमी लंबा ज़ोज़िला टनल लगभग तैयार होने के साथ, भाजपा ने ड्रास के मिनामर्ग से 5 किमी का नया अमरनाथ मार्ग सुझाया है। इस प्रस्तावित मार्ग से यात्रियों को कम ऊँचाई और कम समय में पवित्र गुफा तक पहुँचने का अवसर मिलेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ड्रास से नया 5 किमी का अमरनाथ मार्ग प्रस्तावित
  • 14.15 किमी ज़ोज़िला टनल पूरा होने पर सालभर कनेक्टिविटी
  • पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में संभावित वृद्धि

लद्दाख के कर्गिल जिले के ड्रास क्षेत्र में स्थित मिनामर्ग, ज़ोज़िला टनल के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास है। राष्ट्रीय प्रमुखता के साथ चल रहे इस 14.15 किमी टनल की पूर्ति के निकट होते ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक नया, छोटा और सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रस्तावित किया है, जिससे अमरनाथ यत्रा की मौजूदा दो मार्ग—पहल्गाम और बालतल—से परे एक वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।

प्रस्ताव का विवरण

भाजपा लद्दाख इकाई के वरिष्ठ नेता तशी गैयाल्सन ने बताया कि मिनामर्ग से लगभग 5 किमी की आसान ट्रेकिंग के बाद यात्रियों को 10,800 फीट की ऊँचाई पर पहुँचा जा सकता है। यह दूरी मौजूदा बालतल मार्ग (लगभग 14 किमी, 3,000 फीट की तीव्र चढ़ाई) की तुलना में काफी कम है, जिससे एक‑दिन की यात्रा संभव हो सकती है। उन्होंने कहा, “सिर्फ़ दो‑तीन घंटे में पवित्र गुफा तक पहुँचना संभव है, चाहे यात्री श्रीनगर या लेह से आएँ।”

मौजूदा दो मार्गों का संदर्भ

पहल्गाम मार्ग 34 किमी लंबा है और शुरुआती बिंदु से लगभग 5,702 फीट की ऊँचाई पर शुरू होता है, जबकि बालतल मार्ग 14 किमी की दूरी पर 8,999 फीट से 12,756 फीट तक तीव्र चढ़ाई प्रदान करता है। इन दोनों मार्गों पर यात्रा करने वाले तीर्थयात्री आमतौर पर 4,000‑6,000 फीट की ऊँचाई अंतर को दो‑तीन दिन में पार करते हैं। इन कठिनाइयों के कारण पर्यावरणीय दबाव और सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं, जिससे नई वैकल्पिक राह की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव

लगभग 300,000 से अधिक श्रद्धालुओं की वार्षिक यत्रा को देखते हुए, लद्दाख के लेह‑स्रीनगर‑ड्रास कनेक्टिविटी में सुधार से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। साथ ही, यात्राओं को विभिन्न मार्गों में विभाजित करने से एक ही ट्रैक पर भीड़भाड़ कम होगी, जिससे वन्यजीव संरक्षण और जलवायु प्रभाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

सरकारी समीक्षा और आगे का रास्ता

लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने इस प्रस्ताव की व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन करने के लिए रिपोर्ट का अनुरोध किया है। यदि तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा किया जाता है, तो नई मार्ग न केवल तीर्थयात्रियों के अनुभव को सुधार सकता है, बल्कि लद्दाख की समग्र विकास योजना के साथ भी तालमेल बिठा सकता है।