इंडियन मौसम विभाग ने दिल्ली‑एनसीआर में गुरुवार की तीव्र बारिश के बाद शुक्रवार के लिये येलो अलर्ट जारी किया। अलर्ट में बिखरी हुई बौछार, धड़कती बिजली और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- इंडियन मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया।
- बुधवार की भारी बारिश से जलजमाव और ट्रैफ़िक जाम हुआ।
- आगे के 24 घंटों में बिखरी हुई बौछार, बिजली और तेज़ हवाओं की संभावना।
इंडियन मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई, 2026 को शुक्रवार के लिये दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें थंडरस्टॉर्म, बिजली और स्थानिक हल्की‑से‑मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट पिछले दिन, 9 जुलाई को हुई व्यापक बौछार के बाद आया, जिसने राजधानी के कई हिस्सों में जलजमाव, ट्रैफ़िक जाम और पेड़ों के गिरने की शिकायतें दर्ज करवाईं।
अधिसूचना का विस्तृत विवरण
IMD द्वारा सुबह 9:30 बजे जारी किए गए नवीनतम पूर्वानुमान में कहा गया है कि सुबह के समय धुंध के साथ बहुत हल्की बारिश होगी, जबकि दोपहर‑शाम में जगह‑जगह हल्की‑से‑मध्यम बारिश और कभी‑कभी गड़गड़ाहट सुनाई देगी। अधिकतम तापमान 32‑34°C रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम 26°C के आसपास रहेगा।
येलो अलर्ट का महत्व
येलो अलर्ट भारत में मौसम विभाग की मध्यम स्तर की चेतावनी है, जिसका अर्थ है कि लोग संभावित जलजमाव, ट्रैफ़िक में देरी, बिजली के खतरे और तेज़ हवाओं से सावधान रहें। हालांकि यह अत्यधिक गंभीर स्थितियों को दर्शाता नहीं है, फिर भी स्थानीय स्तर पर छोटे‑छोटे नुकसान और अस्थायी बिजली कटौती की संभावना बनी रहती है।
पिछले दिनों की स्थिति और भविष्य की प्रवृत्ति
जुलाई 2 से देर से शुरू हुए मॉनसन का पहला निरंतर चरण इस बेम्बर बारिश के साथ आया। सफदरजुंग में 24 घंटे में 33.6 mm, लोधी रोड पर 33.7 mm और मयूर विहार में 43 mm तक बारिश दर्ज हुई। इस कारण दिन के तापमान सामान्य से काफी नीचे गिरकर 29.2°C तक पहुँच गया, जो सामान्य औसत से 7.4°C कम था। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24 घंटों में हल्की‑से‑मध्यम बौछार जारी रह सकती है, परन्तु गुरुवार की तीव्र बाढ़ जैसा व्यापक असर नहीं देखे जाने की संभावना है।
नागरिकों के लिये सुझाव
IMD ने लोगों को पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने, बिजली के तारों के पास न जाने और यात्रा से पहले ट्रैफ़िक स्थिति जांचने की सलाह दी है। साथ ही, जलजमाव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सतर्क रहना और आवश्यक होने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाना उचित रहेगा।