इंग्लैंड के अनुभवी मिडफील्डर जोर्डन हेंडरसन का 2026 फीफा विश्व कप का सफर बेहद निराशाजनक रूप से समाप्त हो गया है। मैक्सिको के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के बाद जश्न मनाते समय उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई, जिसके लिए उन्हें सर्जरी करानी होगी।
फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में सह-मेजबान मैक्सिको के खिलाफ इंग्लैंड की 3-2 की रोमांचक जीत की खुशी उस समय फीकी पड़ गई, जब टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी जोर्डन हेंडरसन एक अजीबोगरीब हादसे का शिकार हो गए। मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम में मैच खत्म होने के बाद जश्न मनाने के दौरान उनके कलाई में गंभीर चोट लग गई, जिससे उनका विश्व कप अभियान समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है।
जश्न के दौरान हुआ बड़ा हादसा
घटना उस समय की है जब मैच समाप्ति की सीटी बजने के बाद हेंडरसन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह प्रशंसकों के साथ पारंपरिक गीत 'वंडरवॉल' गाने के लिए विज्ञापन बोर्ड के ऊपर से कूदने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ फिसल गया और वह सीधे कलाई के बल गिर पड़े। दर्द से कराहते हेंडरसन को तुरंत स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया। ब्रिटिश मीडिया के अनुसार, हेंडरसन की जल्द ही सर्जरी होने वाली है, जिसका सीधा मतलब है कि इस विश्व कप में वह अब आगे नहीं खेल पाएंगे।
कोच थॉमस ट्यूशेल ने जताई चिंता
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेंडरसन की चोट पर अपडेट देते हुए कहा, 'वह इस समय अस्पताल में हैं और उनकी चोट काफी गंभीर है। इतनी शानदार जीत की शाम को इस तरह की घटना होना बेहद दुखद है।' इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका मुकाबला एर्लिंग हालैंड की नॉर्वे टीम से होगा।
इंग्लैंड टीम के लिए बड़ा झटका
36 वर्षीय हेंडरसन का इस तरह बाहर होना इंग्लैंड के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वह 'थ्री लायंस' टीम के सबसे उम्रदराज और अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने देश के लिए 90 से अधिक मैच खेले हैं। हेंडरसन चार अलग-अलग विश्व कप में भाग लेने वाले इतिहास के पहले अंग्रेज खिलाड़ी बने हैं। वर्तमान में ब्रेंटफोर्ड के लिए खेलने वाले हेंडरसन ने लिवरपूल के कप्तान के रूप में चैंपियंस लीग और प्रीमियर लीग का खिताब जीतकर फुटबॉल जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
ड्रेसिंग रूम में खलेगी कमी
हालांकि हेंडरसन इस मैच की शुरुआती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे और उन्हें बेंच पर बैठे होने के दौरान ही एक पीला कार्ड भी दिखाया गया था, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी ही युवा खिलाड़ियों के लिए बड़े हौसले का काम करती थी। अब नॉकआउट चरण के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर उनके नेतृत्व कौशल की कमी इंग्लैंड टीम को जरूर खलेगी।