क्वार्टरफ़ाइनल में यूरोप के छह प्रतिनिधि टीमों के साथ अर्जेंटीना और मोरक्को अकेले बाहर के दावेदार हैं। दोनों टीमों की यात्रा, चुनौतियाँ और संभावित परिणाम इस बार के विश्व कप को नई दिशा दे सकते हैं।

2026 का फ़ीफ़ा विश्व कप, जिसकी शुरुआत 48 टीमों और तीन मेज़बान देशों के साथ हुई, अब क्वार्टरफ़ाइनल तक पहुँच चुका है। यूरोप ने इस चरण में छह टीमों के साथ दबदबा बनाया है, जबकि दक्षिण अमेरिकी अर्जेंटीना और अफ्रीकी मोरक्को ही दो एकमात्र गैर‑यूरोपीय टीमें बची हैं।

यूरोपीय दबाव का इतिहास

स्पेन (2010) और जर्मनी (2014) ने यूरोप के बाहर ही ट्रॉफी जीती, लेकिन पिछले दो दशकों में यूरोपीय टीमों ने लगातार शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा किया है। फ्रांस, इंग्लैंड, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड ने मिलकर क्वार्टरफ़ाइनल में तीन‑चौथाई जगहें घेर ली हैं, जिससे यूरोप के लिए इस टूर्नामेंट में जीत की संभावनाएँ पहले से अधिक मजबूत दिख रही हैं।

अर्जेंटीना की संघर्षपूर्ण राह

डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने राउंड‑ऑफ़‑16 में इजिप्ट को 3‑2 से उल्टा कर जीत हासिल की। कैप वर्दे और इजिप्ट के खिलाफ कठिन मुकाबले ने टीम को मानसिक रूप से मजबूत किया। कोच लियोनल स्कैलोनी ने कहा, “हमने अपने लोगों को दर्द दिया, लेकिन खेल में हम बुरे नहीं थे; अगर हम लड़ते नहीं, तो बाहर होते।” मेस्सी की दो गोल और टीम की दृढ़ता ने इस जीत को संभव बनाया।

मोरक्को की आशा और चुनौतियाँ

अफ़्रीका कप के विजेता मोरक्को ने भी क्वार्टरफ़ाइनल तक पहुँचने के लिए कठिन रास्ता तय किया है। बॉस्टन के न्यू इंग्लैंड रिवॉल्यूशन ट्रेनिंग सेंटर में उनका प्रशिक्षण सत्र दर्शाता है कि वे शारीरिक और रणनीतिक दोनों रूप से तैयार हैं। फ्रांस के खिलाफ उनका सामना “सबसे बड़े अंडरडॉग” मुकाबले की तरह होगा, जहाँ मोरक्को को यूरोपीय दिग्गज के खिलाफ अपनी दृढ़ता साबित करनी होगी।

यूरोपीय दिग्गजों की स्थिति

फ्रांस, इंग्लैंड, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड ने अपने‑अपने रास्ते पर कठिन चुनौतियों का सामना किया। फ्रांस को स्वीडन को हटाने के बाद पैराग्वे से किलियन एम्बापे के पेनल्टी से narrow जीत मिली। इंग्लैंड ने मेक्सिको को 3‑2 से जीतते हुए ऊँचाई, शोर और 10‑मन वाले कठिन माहौल को झेला। नॉर्वे ने एर्लिंग हॉलैंड की दो गोलों से ब्राज़ील को बाहर कर बड़ा शॉक दिया, जबकि स्विट्ज़रलैंड ने 72 साल बाद पहली बार क्वार्टरफ़ाइनल में जगह बनाई।

आगे का परिदृश्य

क्वार्टरफ़ाइनल के चार मैच विभिन्न रणनीतिक परीक्षण पेश करेंगे: फ्रांस बनाम मोरक्को, स्पेन बनाम बेल्जियम, इंग्लैंड बनाम नॉर्वे, और अर्जेंटीना बनाम स्विट्ज़रलैंड। इन मुकाबलों में किस टीम की रणनीति, फ़िटनेस और मानसिक शक्ति सबसे अधिक काम आएगी, यह तय करेगा कि यूरोप का दबदबा जारी रहेगा या कोई बाहरी टीम इतिहास रच देगी।