भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे सान्जु सैमसन को ज़िंबाब्वे के टी20 मैचों में शामिल न करने पर कोच बिजु जॉर्ज ने चयन प्रक्रिया को अनुचित बताया। उन्होंने सैमसन के विश्व कप में शानदार प्रदर्शन और आईपीएल में दो शतक को ध्यान में रखकर निरंतर अवसरों की मांग की।

नई दिल्ली: भारत के प्रमुख विकेटकीपर‑बैटर सान्जु सैमसन को ज़िंबाब्वे के खिलाफ तीन‑मैच टी20 श्रृंखला में बाहर करने के बाद उनका बाल्यकाल कोच बिजु जॉर्ज ने चयनकर्ताओं को कड़ी मौखिक टक्कर दी। यह निर्णय सैमसन के हाल ही में टुर्नामेंट‑विजेता भारत की टी20 विश्व कप जीत में मुख्य भूमिका निभाने के बाद आया, जिससे कई विशेषज्ञों और प्रशंसकों में आश्चर्य की लहर दौड़ गई।

विश्व कप में सितारा बनना

सैमसन ने विश्व कप में लगातार तीन मैचों में 97* , 89 और 89 रन बनाकर टुर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टुर्नामेंट खिताब जीता। इस प्रदर्शन ने भारत को शीर्ष पर ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इसके बावजूद, चयन समितियों ने उसे ज़िंबाब्वे श्रृंखला में नहीं बुलाया, जिससे जॉर्ज ने "एक ही खिलाड़ी को लगातार निराश नहीं किया जा सकता" कहकर विरोध किया।

आईपीएल में दो शतक, फिर भी चयन में बाधा

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सैमसन ने दो शतक बनाकर बैटिंग रिकॉर्ड तोड़ दिया – वह टूर्नामेंट में सबसे अधिक शतक बनाने वाला बल्लेबाज़ बन गया। फिर भी, आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों में कम स्कोर (5, 0, 1) ने उसे 15‑साल के वैभव सूर्यवंशी के सामने जगह खो दी। यह असंगति चयनकर्ताओं के निर्णयों में असमानता की ओर इशारा करती है।

भविष्य की चुनौतियाँ और संभावित प्रभाव

सैमसन अभी भी 2026 एशियाई खेलों में भारत के पूर्ण-शक्ति वाले स्क्वाड का हिस्सा है, जहाँ उसकी उपस्थिति महत्त्वपूर्ण होगी। जॉर्ज ने कहा कि यदि सैमसन को लगातार खेलने का मौका नहीं मिला, तो युवा प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे, पर यह भारतीय टीम की निरंतरता को खतरे में डाल सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि "जब अगली टूर कब होगी और कब सैमसन को फिर से मौका मिलेगा"।

सिलेक्शन में निरंतर असमानता

जॉर्ज ने सैमसन के चयन में ऐतिहासिक पक्षपात की ओर इशारा किया, यह बताते हुए कि अंडर‑19 स्तर से ही सैमसन को कई बार बाहर रखा गया, जबकि समान प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिली। उन्होंने कहा, "जब सैमसन मैदान में आता है तो अक्सर उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जबकि दूसरों को आसान हाथ से चयन मिल जाता है"।

कोच ने अंत में आशा व्यक्त की कि सैमसन इस निराशा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलकर फिर से अपने प्रदर्शन से आलोचकों को चकित करेगा।