2026 फीफा विश्व कप के क्वार्टरफ़ाइनल में फ्रांस‑मोरक्को मैच में किलियन मैबापे की पेनल्टी चूक के बाद एर्लिंग हॉलैंड ने VAR की देर को ‘बहुत लंबा’ कहा। इस घटना ने खेल‑प्रशासन में तकनीकी न्याय के सवाल उठाए।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- मैबापे को पेनल्टी लेने में 3 मिनट 10 सेकंड की VAR देरी का सामना करना पड़ा।
- एर्लिंग हॉलैंड और रॉय कीन दोनों ने इस देरी को अनुचित बताया।
- फ़्रांस ने अंततः 2-0 से जीत हासिल की, लेकिन पेनल्टी विवाद ने विश्व कप में VAR की भूमिका पर चर्चा तेज़ कर दी।
2026 फीफा विश्व कप के क्वार्टर‑फ़ाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया, पर इस जीत के पीछे एक विवादास्पद क्षण छिपा है। पहले हाफ़ में किलियन मैबापे को पेनल्टी मिलना चाहिए था, लेकिन नॉरवेजियन फॉरवर्ड एर्लिंग हॉलैंड ने इस पेनल्टी से पहले VAR की देरी को ‘बहुत लंबा’ करार दिया।
पेनल्टी पर VAR की लंबी जाँच
मैबापे को मोरक्को के डिफेंडर नुस्सैर मज़रौई द्वारा बॉक्स के अंदर फॉल्ट के बाद पेनल्टी दी गई थी। हालांकि, रेफ़री ने वीडियो असिस्टेंट रेफ़री (VAR) को सटीक निर्णय लेने के लिए 3 मिनट 10 सेकंड का समय दिया। इस दौरान मैबापे पेनल्टी एरिया में घबराते हुए कई बार रेफ़री से बात करता रहा, जिससे उसकी मनोवैज्ञानिक स्थिति पर असर पड़ा। अंततः जब खेल फिर से शुरू हुआ, तो मैबापे ने एक कमजोर शॉट मार दिया, जिसे मोरक्को के गोलकीपर यासिन बुनू ने शानदार डाइव से रोक लिया।
हॉलैंड और केन की प्रतिक्रिया
हॉलैंड ने इस दृश्य को स्नैपचैट पर शेयर किया, जिसमें उन्होंने “पेनल्टी लेने के लिए 5 मिनट इंतजार करना बहुत लंबा है” लिखा। वास्तविक समय 3 मिनट 10 सेकंड था, पर उनका भावनात्मक स्वर कई दर्शकों के साथ ताल मिला। हाफ‑टाइम में पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड कप्तान रॉय केन ने भी लाइव प्रसारण में इसे “अन्यायपूर्ण” कहा, यह तर्क देते हुए कि लंबी देरी स्ट्राइकर की एड्रेनालिन को घटा देती है और गोलकीपर को अतिरिक्त लाभ देती है।
फ़्रांस की जीत और भविष्य की चुनौतियाँ
मैबापे की पेनल्टी चूक के बावजूद, फ्रांस ने देर नहीं लगाई। वह ही घंटे के निशाने पर फिर से मैदान में आया और बॉक्स के बाहर से एक शानदार कर्लर मार कर टीम को लीड दिलाई। ओस्मान डेम्बले ने भी एकल रन के बाद बुनू के हाथ से बचते हुए दूसरा गोल किया, जिससे फ्रांस सेमी‑फ़ाइनल में आगे बढ़ा। अब फ्रांस स्पेन और बेल्जियम के बीच के क्वार्टर‑फ़ाइनल विजेता का सामना करेगा।
VAR विवाद के व्यापक प्रभाव
यह घटना विश्व कप में VAR के उपयोग को लेकर नई बहस को जन्म देगी। आलोचक तर्क देते हैं कि देर से निर्णय खिलाड़ियों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर नकारात्मक असर डालता है, जबकि समर्थक कहते हैं कि सटीकता के लिए समय आवश्यक है। भविष्य में निर्णय समय को घटाने के लिए तकनीकी सुधार और स्पष्ट प्रोटोकॉल की मांग बढ़ रही है।