अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कालोनी ने बताया कि लियोनल मेसी को पेनाल्टी लेने का अधिकार पूरी तरह से खुद को ही रहेगा, चाहे वह दो बार चूके हों। स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ क्वार्टर‑फ़ाइनल में यह निर्णय फिर से अहम होगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- मेसी को पेनाल्टी लेने का अधिकार कोच द्वारा नहीं छिना गया।
- मेसी ने इस विश्व कप में दो पेनाल्टी चूके हैं, पर गोलों और असिस्ट में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
- अर्जेंटीना का क्वार्टर‑फ़ाइनल मुकाबला स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ तय होगा, जहाँ मेसी की निर्णय शक्ति निर्णायक होगी।
दुर्लभ उम्र के बावजूद लियोनल मेसी ने 2026 फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना को चार पेनाल्टी चूके होने के बावजूद भी गोल‑दौड़ में अग्रणी बना रखा है। कोच लियोनल स्कालोनी ने शनिवार को एरोहेड स्टेडियम में स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ क्वार्टर‑फ़ाइनल से पहले स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेसी को पेनाल्टी लेने का अधिकार पूरी तरह से उसकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर है।
कोच स्कालोनी का स्पष्ट बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कालोनी ने कहा, "मैं कभी भी उसे पेनाल्टी नहीं लेने के लिए नहीं कहूँगा। वह चाहे तो ले सकता है, नहीं तो कोई दूसरा ले सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय मेसी के हाथ में है।" यह बयान उन अफवाहों को खारिज करता है जो मेसी को पेनाल्टी से हटाने की बात करती थीं, क्योंकि उन्होंने समूह चरण में ऑस्ट्रिया और राउंड‑ऑफ़‑16 में इजिप्ट के खिलाफ दो बार पेनाल्टी चूके थे।
मेसी का गोल‑दौड़ में योगदान
इन दो चूके पेनाल्टी के बावजूद मेसी ने आठ गोल और एक असिस्ट करके गोल्डन बूट प्रतिस्पर्धा में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे के साथ बराबर स्थान हासिल किया है। यह दिखाता है कि वह अभी भी अर्जेंटीना की आक्रमण शक्ति का मुख्य केंद्र है, जबकि टीम ने कोट द्वीप और इजिप्ट के खिलाफ कठिन जीत हासिल की है।
शारीरिक तैयारी और दीर्घायु
स्कालोनी ने मेसी की शारीरिक स्थिति को समर्थन देने में खेल विज्ञान की भूमिका को उजागर किया। उन्होंने बताया कि मेसी की फिटनेस कोच के साथ नियमित प्रशिक्षण ने उसे 39 वर्ष की उम्र में भी उच्च स्तर पर बनाए रखा है, जबकि खेल शैली में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ। "जब वह पूरी शक्ति से खेलता है, तो वह एक मशीन जैसा दिखता है," कोच ने कहा।
आगामी स्विट्ज़रलैंड मुकाबला
स्विट्ज़रलैंड की टीम को अक्सर दृढ़ रक्षा और व्यवस्थित खेल के लिए जाना जाता है। अर्जेंटीना को इस चुनौती का सामना करने के लिए अपने टैक्टिकल अनुशासन को और अधिक सुदृढ़ करना होगा। लेकिन स्कालोनी का मुख्य संदेश स्पष्ट है: पेनाल्टी का निर्णय मेसी के हाथ में रहेगा, और यह टीम के मनोबल को भी बढ़ाता है।