चीन ने लॉन्ग मार्च‑10B रॉकेट के पहले चरण के बूस्टर को समुद्र में नियंत्रित तरीके से सुरक्षित रूप से पुनः प्राप्त किया, जो पुन: उपयोग योग्य अंतरिक्ष तकनीक में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • चीन ने लॉन्ग मार्च‑10B बूस्टर की पहली नियंत्रित रिकवरी की
  • समुद्री प्लेटफ़ॉर्म पर नेट‑कैप्चर सिस्टम से बूस्टर को सुरक्षित किया गया
  • यह उपलब्धि चीन के पुन: उपयोग योग्य रॉकेट कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण कदम है

बीजिंग की राज्य मीडिया ने शुक्रवार को घोषणा की कि लॉन्ग मार्च‑10B कैरियर रॉकेट के पहले चरण का बूस्टर सफलतापूर्वक समुद्री प्लेटफ़ॉर्म पर नियंत्रित रूप से लौटाया गया है। यह घटना चीन की पुन: उपयोग योग्य रॉकेट तकनीक में एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो अंतरिक्ष लॉन्च लागत को कम करने और अंतरिक्ष संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ाने के लक्ष्य से जुड़ी है।

इस मिशन में, रॉकेट को हainan प्रांत के समुद्र तट से प्रक्षेपित किया गया और यह निर्धारित कक्षा में अपनी पेलोड को सफलतापूर्वक भेजने के बाद, पहला और दूसरा चरण अलग हो गए। पहला चरण, जो लगभग 63 मीटर लंबा और 5 मीटर व्यास का है, ने समुद्री प्लेटफ़ॉर्म पर नेट‑कैप्चर सिस्टम के माध्यम से सुरक्षित रूप से उतरने में सफलता पाई। इस प्रक्रिया को लाइव प्रसारण और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जहाँ दर्शकों ने बूस्टर के उतरने के क्षण को उत्साहपूर्वक देखा।

चीन का यह कदम स्पेसएक्स के 2015 में ऑर्बिटल क्लास बूस्टर की नियंत्रित रिकवरी के बाद से अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाता है। जबकि स्पेसएक्स ने मुख्यतः जमीन या ड्रोन-शिप आधारित प्लेटफ़ॉर्म पर उतरने का मार्ग चुना, लॉन्ग मार्च‑10B ने समुद्री प्लेटफ़ॉर्म पर उतरने का नया रास्ता अपनाया, जिससे चीन को लॉन्च साइट के निकट ही पुन: उपयोग की सुविधा मिलती है।

तकनीकी दृष्टि से, लॉन्ग मार्च‑10B एक तरल ईंधन से चलने वाला वाणिज्यिक लॉन्च वाहन है, जिसकी उठने की शक्ति लगभग 890 टन है और कुल द्रव्यमान 760 टन के आसपास है। यह लगभग 16 टन का पेलोड लो अर्थ ऑर्बिट तक पहुंचा सकता है। इस मिशन की सफलता चीन के पुन: उपयोग योग्य रॉकेट कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है।

इस उपलब्धि के बाद, चीन के अंतरिक्ष अधिकारियों ने कहा कि वे आगे और अधिक उन्नत पुन: उपयोग तकनीक पर काम करेंगे, ताकि लागत घटाई जा सके और अंतरिक्ष प्रक्षेपण की आवृत्ति बढ़ाई जा सके। यह कदम चीन को अंतरिक्ष उद्योग में एक नई दिशा देने के साथ-साथ वैश्विक अंतरिक्ष नीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।