भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मांग‑आधारित भर्ती के चलते बेंच स्ट्रेंथ को 8‑10% तक घटाने का लक्ष्य रखा है। इस बदलाव से कर्मचारियों की तैनाती तेज़ होगी, पुनः कौशल विकास पर ज़ोर रहेगा और विशेष तकनीकी प्रतिभा को प्राथमिकता मिलेगी।
मुख्य बिंदु
- बेंच अवधि 30‑45 दिनों तक घट गई
- AI‑संचालित योजना से उपयोग दर में सुधार
- विशेषीकृत कौशल वाले कर्मचारियों की भर्ती पर फोकस
भारत की शीर्ष सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों—TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra—अपने बेंच स्ट्रेंथ को अगले वित्तीय वर्ष में 8‑10% तक लाने की योजना बना रही हैं। यह परिवर्तन AI‑सहायता प्राप्त कार्यबल नियोजन, बेहतर मांग‑पूर्वानुमान और निरंतर अप‑स्किलिंग के कारण संभव हो रहा है।
बेंच वह समूह है जिसमें कर्मचारी कंपनी के वेतन पर होते हैं परंतु किसी सक्रिय ग्राहक प्रोजेक्ट में लगे नहीं होते। पारम्परिक रूप से कंपनियां 20‑30% बेंच रखती थीं, जबकि अब यह प्रतिशत दो अंकों के अंत में आ गया है। Moneycontrol द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि FY27 तक यह प्रतिशत 8‑10% तक गिर जाएगा।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले तीन वर्षों में AI और क्लाउड, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स जैसी निच तकनीकों की मांग में तीव्र वृद्धि हुई। इस कारण कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को भर्ती करने के बजाय मांग‑आधारित मॉडल अपनाने लगीं। यह बदलाव 2020‑2022 के पोस्ट‑कोविड भर्ती बूम के बाद की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जहाँ कई कंपनियों ने अत्यधिक बेंच बनाकर रखा था।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि बेंच स्ट्रेंथ में यह कमी कंपनियों को मार्जिन दबाव और राजस्व चुनौतियों से बचाने में मदद करेगी। तेज़ी से तैनाती और निरंतर कौशल उन्नयन से भारत की IT सेवा निर्यात क्षमता में स्थिरता आएगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
"AI‑आधारित कार्यबल योजना अब बेंच प्रबंधन की नई मानक बन गई है, जिससे कंपनियां अधिक लचीले और कुशल बन रही हैं।" – नेती शर्मा, CEO, TeamLease Digital
भविष्य में कंपनियां भारी कटौती की बजाय पुनः कौशल विकास पर निवेश करेंगी। यदि पुनः तैनाती संभव नहीं रही, तो ही कटौती की जाएगी, न कि प्री‑एंप्लॉयमेंट स्तर पर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या बेंच स्ट्रेंथ घटाने से नौकरी छूटेगी?
उत्तर: नहीं, कंपनियां मुख्यतः अप‑स्किलिंग पर ध्यान दे रही हैं, जबकि केवल उन भूमिकाओं को हटाया जाएगा जहाँ पुनः तैनाती संभव नहीं होगी।
प्रश्न 2: कौन सी नई कौशलों की मांग बढ़ रही है?
उत्तर: AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता की ज़रूरत बढ़ी है।