योगी सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं, जिससे जन शिकायतों का समाधान सुगम हो गया है। विशेष रूप से म्यूटेशन और भूमि सीमांकन से जुड़े मामलों में बड़ी सफलता मिली है।
मुख्य बिंदु
- राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
- धारा 34 (म्यूटेशन) के तहत 10 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया गया।
- धारा 80 (भूमि उपयोग परिवर्तन) के तहत 5 वर्ष से पुराने लंबित मामलों की संख्या शून्य है।
- प्रयागराज, प्रतापगढ़, लखनऊ, अमेठी और मथुरा में सर्वाधिक लंबित मामले हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और जन शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है। सरकार के नियमित स्तर पर निगरानी और विशेष अभियानों के कारण मामलों के निपटारे की दर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
विभागीय प्रदर्शन का विश्लेषण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, धारा 24 (सीमांकन/माप) के तहत 31 दिसंबर, 2025 तक 28,556 मामले लंबित थे। 1 जनवरी से 31 जुलाई, 2026 के बीच 91,472 नए मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 39,645 मामलों का निपटारा कर दिया गया। वर्तमान में 80,383 मामले लंबित हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की संख्या केवल 24 है।
धारा 34 (नाम परिवर्तन/म्यूटेशन) के मामले में सरकार ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 1 जनवरी से 31 जुलाई, 2026 के बीच कुल 14,70,133 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 10,96,814 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, 15 से 25 जून, 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान के माध्यम से 45 दिनों से अधिक पुराने म्यूटेशन मामलों के 2,21,667 निपटारे किए गए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा न केवल कानूनी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है, बल्कि भूमि विवादों को कम करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थिरता भी लाता है। तकनीक-आधारित निगरानी और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की सरकार की रणनीति प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ा रही है।
राजस्व मामलों का त्वरित समाधान भूमि स्वामित्व के विवादों को कम करने और कृषि निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: किन जिलों में धारा 24 के तहत सबसे अधिक मामले लंबित हैं?
उत्तर: प्रयागराज, प्रतापगढ़, लखनऊ, अमेठी और मथुरा में सबसे अधिक मामले लंबित हैं।
प्रश्न 2: म्यूटेशन मामलों के लिए विशेष अभियान कब चलाया गया था?
उत्तर: विशेष अभियान 15 जून से 25 जून, 2026 के बीच चलाया गया था।