हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के समापन के बाद शहर को साफ करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया है। लगभग 7,000 मीट्रिक टन कचरा जमा होने के बाद, नगर निगम 1,000 कर्मचारियों और आधुनिक तकनीक के साथ सफाई में जुटा है।

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मुख्य बिंदु

  • कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार में 7,000 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हुआ।
  • सफाई के लिए 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी और 80 से अधिक वाहन तैनात।
  • पहली बार सफाई की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया।
  • सोलर सेंसर वाले डस्टबिन का भी किया जा रहा है परीक्षण।

उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में इस वर्ष कांवड़ मेले का समापन एक बड़ी चुनौती छोड़ गया है। करीब 4 करोड़ 80 लाख श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुँचने के बाद, शहर के विभिन्न हिस्सों में लगभग 7,000 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हो गया है। इस कचरे के विशाल ढेर को हटाने के लिए नगर निगम ने एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू किया है।

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, मेले के अंतिम दो दिनों में ही लगभग 2,000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने 1,000 अतिरिक्त कर्मचारियों और 80 से अधिक विशेष वाहनों को सफाई कार्यों में झोंक दिया है। सफाई का मुख्य ध्यान घाटों, कांवड़ मार्गों, स्थानीय बाजारों और अत्यधिक भीड़ वाले क्षेत्रों पर केंद्रित है।

तकनीक से सफाई का आधुनिक चेहरा

इस बार हरिद्वार प्रशासन ने स्वच्छता प्रबंधन में तकनीक का सहारा लिया है। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बड़े आयोजनों के प्रबंधन में आधुनिक उपकरणों की भूमिका निर्णायक होती है। पहली बार, सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया गया, जिससे कचरे के हॉटस्पॉट की सटीक पहचान करना संभव हो सका। इसके अतिरिक्त, नगर निगम सोलर सेंसर वाले डस्टबिन का भी परीक्षण कर रहा है, जो डस्टबिन भरने पर तुरंत सूचना प्रदान करेंगे।

बड़े धार्मिक आयोजनों के बाद कचरा प्रबंधन केवल सफाई नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक बड़ी चुनौती है।

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि यह विशेष अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने उन सभी 'पर्यावरण मित्रों' और कर्मचारियों की सराहना की जो कठिन परिस्थितियों में शहर को पुनः स्वच्छ बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

सफाई व्यवस्था का तुलनात्मक विवरण

विशेषतापिछले वर्षइस वर्ष (2026)
कुल श्रद्धालुकम4.8 करोड़+
निगरानी तकनीकमैनुअलड्रोन एवं सोलर सेंसर
सफाई दलसामान्य1,000+ अतिरिक्त कर्मचारी
क्या आप जानते हैं?: हरिद्वार में इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 'स्वच्छता दूत' विशेष रूप से तैनात किए गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: हरिद्वार में कितना कूड़ा जमा हुआ है?
उत्तर: कांवड़ मेले के बाद लगभग 7,000 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हुआ है।

प्रश्न 2: सफाई के लिए कौन सी नई तकनीक अपनाई गई है?
उत्तर: निगरानी के लिए ड्रोन और कचरा प्रबंधन के लिए सोलर सेंसर वाले डस्टबिन का उपयोग किया जा रहा है।