गुजरात में मानसून का वितरण बेहद असमान रहा है। जहां दक्षिण गुजरात के जिलों ने सीजन की 100% औसत बारिश पूरी कर ली है, वहीं कच्छ और देवभूमि द्वारका जैसे क्षेत्र सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी और वलसाड में 100% से अधिक औसत बारिश दर्ज की गई।
  • कच्छ क्षेत्र में केवल 29% वर्षा हुई है, जो पिछले साल के 65% की तुलना में काफी कम है।
  • देवभूमि द्वारका में सबसे कम 6.41% वर्षा दर्ज की गई।
  • राज्य में अब तक 84,318 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

गुजरात में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी में अभी एक महीना बाकी है, लेकिन राज्य के भीतर वर्षा का वितरण अत्यधिक असमान बना हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण गुजरात ने 16 अगस्त तक अपने मौसमी औसत का 100 प्रतिशत से अधिक प्राप्त कर लिया है, जबकि कच्छ जैसे पश्चिमी क्षेत्र गंभीर वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं।

दक्षिण गुजरात के जिलों में मानसून का प्रभाव सबसे अधिक देखा गया है। नवसारी ने 119.83% के साथ सर्वाधिक वर्षा दर्ज की है, इसके बाद वलसाड (112.97%) और सूरत (104.51%) का स्थान है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और अब तक 37 तालुकों में 1,000 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून का यह असंतुलित वितरण राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था और जल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। जहां दक्षिण में बाढ़ का खतरा है, वहीं कच्छ और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सिंचाई के लिए पानी की कमी हो सकती है।

मानसून का यह क्षेत्रीय असंतुलन भविष्य में फसल चक्र और भूजल स्तर को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक साबित होगा।

दूसरी ओर, राज्य के आठ जिले बेहद कम वर्षा के दायरे में हैं। देवभूमि द्वारका में मात्र 6.41%, पोरबंदर में 17.88% और कच्छ में केवल 29.25% वर्षा हुई है। यह स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी चिंताजनक है, क्योंकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कच्छ में 65% वर्षा दर्ज की गई थी।

क्षेत्रीय वर्षा तुलना (2026)

क्षेत्रऔसत वर्षा (mm)औसत प्रतिशत (%)
दक्षिण गुजरात1557.53101.00%
कच्छ145.6029.13%
उत्तर गुजरात409.1856.02%
सौराष्ट्र423.6855.59%

भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य भी बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। 1 जून से 16 अगस्त के बीच, 19 जिलों में 84,318 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें से 81% लोग दक्षिण गुजरात के जिलों से संबंधित हैं।

क्या आप जानते हैं?: गुजरात में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की सामान्य तिथि 15 सितंबर है, जिसका अर्थ है कि अभी भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: गुजरात में सबसे कम बारिश कहाँ हुई है?
उत्तर: देवभूमि द्वारका में सबसे कम 6.41% वर्षा दर्ज की गई है।

प्रश्न 2: दक्षिण गुजरात में किन जिलों में 100% से अधिक बारिश हुई है?
उत्तर: सूरत, नवसारी और वलसाड में 100% से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।