अमेरिका ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बनाया है कि वे वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में फिलिस्तीनी परिवारों की घेराबंदी करने वाले यहूदी बसने वालों की निंदा करें। अमेरिकी राजदूत ने इन बसने वालों को 'इजरायली आतंकवादी' करार दिया है।

मुख्य बातें

  • अमेरिका ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी घरों की घेराबंदी करने वाले बसने वालों की निंदा करने के लिए नेतन्याहू पर दबाव डाला है।
  • अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने इन बसने वालों को 'इजरायली आतंकवादी' कहा है।
  • कुसरा गांव में कई फिलिस्तीनी परिवार बिना पानी और बिजली के फंसे हुए हैं।
  • यह घटना नेतन्याहू के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन सकती है।

वॉशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि वे वेस्ट बैंक के कब्जे वाले क्षेत्र में फिलिस्तीनी परिवारों को उनके घरों में घेरने वाले यहूदी बसने वालों की सार्वजनिक रूप से निंदा करें। रॉयटर्स के अनुसार, यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पता चला कि घेराबंदी किए गए घरों में से एक एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी नागरिक का है।

कुसरा गांव की स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, बसने वालों ने कई दिनों से घरों को चारों ओर से घेर रखा है, जिससे निवासियों का पानी और बिजली का संपर्क भी कट गया है। संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की है कि दो बच्चों सहित लगभग 15 फिलिस्तीनी परिवार इन परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। स्थानीय निवासी आयशा हसन ने बताया कि वे अत्यधिक भयभीत हैं और पिछले कई दिनों से बाहरी दुनिया से कटे हुए हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक स्थानीय संघर्ष नहीं है, बल्कि यह इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव का संकेत है। अमेरिका का यह रुख नेतन्याहू की सरकार के लिए एक कठिन राजनीतिक परीक्षा है, क्योंकि उनके गठबंधन में कट्टरपंथी दक्षिणपंथी दल शामिल हैं जो बसने वालों के समर्थक हैं।

अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने इन बसने वालों को 'इजरायली आतंकवादी' बताते हुए कड़े शब्दों में अपनी निंदा व्यक्त की है।

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने कहा है कि वे सुरक्षा बनाए रखने और स्थानीय निवासियों की रक्षा के लिए वहां तैनात हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बसने वालों द्वारा लगाए गए तंबू को हटाया है। हालांकि, मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि यह घेराबंदी फिलिस्तीनी भूमि पर नियंत्रण हासिल करने की एक सुनियोजित कोशिश है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वेस्ट बैंक को 1967 के युद्ध के दौरान इजरायल ने कब्जे में लिया था। फिलिस्तीनी इसे अपने भविष्य के स्वतंत्र राज्य के हिस्से के रूप में देखते हैं, जबकि इजरायली सरकार के तहत बसने वालों का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। नेतन्याहू की वर्तमान सरकार इजरायल के इतिहास की सबसे कट्टरपंथी सरकार मानी जाती है।

क्या आप जानते हैं?: वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा में पिछले तीन वर्षों में भारी वृद्धि देखी गई है, जो 7 अक्टूबर के हमलों के बाद से और अधिक तीव्र हो गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कुसरा गांव में वर्तमान स्थिति क्या है?
वहां कई फिलिस्तीनी परिवार बिना बिजली और पानी के घरों में फंसे हुए हैं और बसने वालों ने उनके बाहर निकलने का रास्ता रोक रखा है।

2. अमेरिका की इस मामले में क्या भूमिका है?
अमेरिका नेतन्याहू से बसने वालों के हिंसक कृत्यों की निंदा करने की मांग कर रहा है, विशेष रूप से क्योंकि इसमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है।