मेट्टूर बांध के स्टेनली जलाशय में पानी की आवक में कमी दर्ज की गई है। काबिनी बांध से जल प्रवाह में उतार-चढ़ाव के कारण बांध के जल स्तर पर असर पड़ा है।
मुख्य बिंदु
- मेट्टूर बांध में पानी की आवक घटकर 10,808 क्यूसेक रह गई है।
- स्टेनली जलाशय का वर्तमान जल स्तर 78.03 फीट है।
- काबिनी बांध से जल प्रवाह में बदलाव का सीधा असर मेट्टूर पर पड़ा है।
तमिलनाडु के मेट्टूर बांध (स्टेनली जलाशय) में पानी की आवक में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को जलाशय में पानी की आवक घटकर 10,808 क्यूसेक हो गई, जो शुक्रवार को 13,674 क्यूसेक थी। यह कमी मुख्य रूप से कर्नाटक के काबिनी बांध से होने वाले जल विसर्जन में आए बदलावों के कारण देखी जा रही है।
वर्तमान जल स्तर और स्थिति
वर्तमान में, बांध का जल स्तर 78.03 फीट पर बना हुआ है, जबकि इसकी पूर्ण क्षमता 120 फीट है। जलाशय में कुल भंडारण 40.02 tmcft है, जो इसकी 93.47 tmcft की कुल क्षमता का एक हिस्सा है। पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कावेरी नदी में 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मेट्टूर बांध का जल स्तर दक्षिण भारत की कृषि और पेयजल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। काबिनी बांध से पानी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर मेट्टूर की आवक को प्रभावित करता है। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि फिलहाल आवक कम हुई है, लेकिन काबिनी से अतिरिक्त जल निकासी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में मेट्टूर में पानी की आवक फिर से बढ़ सकती है।
नदियों के जल प्रवाह में मामूली बदलाव भी बांध के प्रबंधन और निचले इलाकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संकेत होते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मेट्टूर बांध का निर्माण कावेरी नदी पर किया गया है, जो तमिलनाडु के कृषि क्षेत्र की जीवन रेखा है। यह बांध न केवल सिंचाई बल्कि बिजली उत्पादन और पेयजल आपूर्ति का भी एक प्रमुख स्रोत है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मेट्टूर बांध में वर्तमान जल स्तर क्या है?
उत्तर: वर्तमान में बांध का जल स्तर 78.03 फीट है।
प्रश्न 2: पानी की आवक कम होने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: कर्नाटक के काबिनी बांध से होने वाले जल विसर्जन में बदलाव इसका मुख्य कारण है।