EESL आंध्र प्रदेश के 123 शहरी स्थानीय निकायों में एक अत्याधुनिक स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना शुरू करने जा रहा है, जो ऊर्जा की बचत और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करेगी।

मुख्य बिंदु

  • EESL आंध्र प्रदेश के 123 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में स्मार्ट लाइटिंग लागू करेगा।
  • लगभग 10.50 लाख स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी से बदला जाएगा।
  • परियोजना में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस की सुविधा होगी।
  • यह पहल ऊर्जा दक्षता और शहरी स्थिरता को बढ़ावा देगी।

एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL), जो विद्युत मंत्रालय के तहत काम करती है, आंध्र प्रदेश में ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ शहरी विकास को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना' शुरू करने की तैयारी कर रही है।

यह परियोजना राज्य के नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग के साथ साझेदारी में कार्यान्वित की जाएगी। इस पहल के तहत, सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में एक केंद्रीकृत नियंत्रण और निगरानी प्रणाली के साथ एकीकृत 'इंडिविजुअल लाइट मॉनिटरिंग' (ILM) नेटवर्क पेश किया जाएगा।

परियोजना का विस्तार और तकनीकी ढांचा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, EESL राज्य के सभी 123 ULBs में इस एकीकृत स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग परियोजना को लागू करने के लिए CDMA के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता करेगा। इस बड़े पैमाने पर होने वाले बदलाव के तहत, लगभग 10.50 लाख स्ट्रीट लाइटों को ILM-सक्षम स्मार्ट एलईडी लाइटों से बदला जाएगा। प्रारंभिक चरण में 7.50 लाख लाइटों को कवर किया जाएगा, जबकि अतिरिक्त 3 लाख लाइटों को विस्तारित दायरे में शामिल किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल रोशनी बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम (SLNP) की अगली पीढ़ी के रूप में कार्य करेगी, जिसमें इंटेलिजेंट लाइटिंग कंट्रोल, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल एसेट मैनेजमेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

यह तकनीक न केवल बिजली के बिलों में भारी कटौती करेगी, बल्कि शहरी सुरक्षा और रखरखाव की लागत को भी कम करेगी।

इस परियोजना के कार्यान्वयन की तैयारियों की समीक्षा हाल ही में एक वर्चुअल बैठक में की गई, जिसमें MA&UD के प्रधान सचिव एस. सुरेश कुमार और EESL के सीईओ अखिलेश कुमार दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने ऊर्जा की खपत कम करने और कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित करने के लिए पहले भी स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम (SLNP) के माध्यम से पारंपरिक लाइटों को एलईडी में बदलने का कार्य किया है। EESL की यह नई पहल उसी मिशन का एक उन्नत और डिजिटल संस्करण है।

क्या आप जानते हैं?: स्मार्ट एलईडी लाइटें न केवल बिजली बचाती हैं, बल्कि वे सेंसर के माध्यम से खराब होने पर तुरंत अधिकारियों को सूचना भी भेज सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. यह परियोजना कितने शहरों में लागू होगी?
यह परियोजना आंध्र प्रदेश के 123 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में लागू की जाएगी।

2. इस परियोजना का मुख्य लाभ क्या है?
इसका मुख्य लाभ ऊर्जा की बचत, बेहतर शहरी सुरक्षा और वास्तविक समय में लाइटों की निगरानी करना है।