केंद्र सरकार ने महादायी नदी बेसिन में कलसा-भंडारी पेयजल परियोजना के लिए कर्नाटक की वन्यजीव मंजूरी की मांग को खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा कि मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने कर्नाटक के वन्यजीव मंजूरी प्रस्ताव को वापस कर दिया है।
  • महादायी बेसिन की कलसा-भंडारी पेयजल परियोजना पर विवाद जारी है।
  • केंद्र का तर्क है कि मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन (sub-judice) है।
  • कर्नाटक सरकार जल्द ही स्पष्टीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।

केंद्र सरकार ने महादायी नदी बेसिन में प्रस्तावित कलसा-भंडारी पेयजल आपूर्ति योजना के लिए कर्नाटक के वन्यजीव मंजूरी संबंधी प्रस्ताव को वापस कर दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर सूचित किया कि इस मामले पर वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने गोवा के मुख्य वन्यजीव वार्डन के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। चूंकि मामला अभी भी शीर्ष अदालत के पास लंबित है, इसलिए केंद्र ने इस चरण में प्रस्ताव को राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। पत्र में कहा गया है कि भविष्य में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि महादायी नदी विवाद केवल एक जल विवाद नहीं है, बल्कि यह अंतर-राज्यीय जल अधिकार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक जटिल संघर्ष है। कर्नाटक और गोवा के बीच कानूनी खींचतान के कारण इस महत्वपूर्ण पेयजल परियोजना की गति धीमी हो गई है, जिससे बेलगावी जिले के खानपुर तालुक के निवासियों की पानी की जरूरतों पर सीधा असर पड़ रहा है।

यह मामला दर्शाता है कि कैसे अंतर-राज्यीय जल विवाद और पर्यावरणीय कानून एक साथ मिलकर बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बाधित कर सकते हैं।

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन कटार्की ने आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गोवा द्वारा जारी एक ऐसे आदेश को मान्यता दे रही है जो क्षेत्राधिकार से बाहर है और न्यायाधिकरण के अपने घोषित पुरस्कार के विपरीत है। कर्नाटक अब इस मामले पर स्पष्टीकरण के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

महादायी नदी बेसिन दशकों से कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के बीच विवाद का केंद्र रही है। कलसा-भंडारी परियोजना का उद्देश्य कर्नाटक के उत्तरी जिलों में पीने के पानी की कमी को दूर करना है, लेकिन वन्यजीव संरक्षण और अंतर-राज्यीय जल बंटवारे के नियमों के कारण यह परियोजना लंबे समय से कानूनी बाधाओं का सामना कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. केंद्र सरकार ने प्रस्ताव क्यों वापस किया?
केंद्र का कहना है कि मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर निर्णय लेना उचित नहीं होगा।

2. कलसा-भंडारी परियोजना क्या है?
यह कर्नाटक के बेलगावी जिले में महादायी नदी बेसिन से पेयजल आपूर्ति करने के लिए एक प्रस्तावित योजना है।