भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने NH 75 के बी.सी. रोड-अड्डाहोल खंड पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए 63 AI-आधारित कैमरे और स्पीड कैमरे लगाए हैं।

मुख्य बातें

  • NH 75 के 63 किमी लंबे खंड पर हर 1 किमी की दूरी पर AI कैमरे लगाए गए हैं।
  • ये कैमरे गलत दिशा में ड्राइविंग, दुर्घटनाओं और सड़क पर बाधाओं का स्वतः पता लगाएंगे।
  • कुल 63 AI कैमरे और 2 विशेष स्पीड कैमरे तैनात किए गए हैं।
  • यह परियोजना NHAI के देशव्यापी उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (ATMS) का हिस्सा है।

दक्षिण कन्नड़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 75 (NH 75) के बी.सी. रोड और अड्डाहोल के बीच नवनिर्मित चार-लेन खंड पर अब यात्रियों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस 63 किमी लंबे रास्ते पर अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों का जाल बिछा दिया है।

तकनीकी निगरानी का नया युग

NHAI ने इस खंड को दो पैकेजों में विभाजित किया है। पहले पैकेज (अड्डाहोल-पेरियाशान्थी, 15.13 किमी) में 15 कैमरे लगाए गए हैं, जबकि दूसरे पैकेज (पेरियाशान्थी-बी.सी. रोड, 48.48 किमी) में 49 कैमरे स्थापित किए गए हैं। ये कैमरे न केवल यातायात की निगरानी करेंगे, बल्कि गलत दिशा में वाहन चलाना, दुर्घटनाएं, खड़े वाहन, पैदल यात्री और सड़क पर जानवरों जैसी बाधाओं को भी तुरंत पहचान लेंगे।

एआई-आधारित यह निगरानी प्रणाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने में क्रांतिकारी साबित होगी।

गति सीमा पर सख्त नियंत्रण

निगरानी कैमरों के अलावा, NHAI ने मेलकर और पेरजे जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर स्पीड कैमरे भी लगाए हैं। ये कैमरे रडार तकनीक का उपयोग करते हैं और यदि कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलता है, तो यह चालक को सचेत करते हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ स्थानों पर गति सीमा के संकेतों में विसंगतियां देखी गई हैं, जिसे ठीक करने की आवश्यकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजमार्गों पर इस तरह की तकनीकी तैनाती न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाती है, बल्कि मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी भारी कमी लाती है। NHAI का लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में 30,000 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों को इस उन्नत प्रणाली से जोड़ना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में राजमार्ग सुरक्षा के लिए 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ATMS) की शुरुआत हाल के वर्षों में हुई है, जिसका उद्देश्य डिजिटल इंडिया के तहत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।

क्या आप जानते हैं?: NHAI का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को इसी तरह की डिजिटल निगरानी से लैस करना है।

Frequently Asked Questions

1. ये कैमरे क्या-क्या पकड़ सकते हैं?
ये कैमरे गलत दिशा में ड्राइविंग, दुर्घटना, सड़क पर रुका हुआ वाहन और पैदल यात्रियों की पहचान कर सकते हैं।

2. क्या इन कैमरों से सीधे चालान कटेगा?
हाँ, कैमरों से प्राप्त डेटा को कंट्रोल रूम भेजा जाएगा और फिर पुलिस के माध्यम से चालान जारी किया जाएगा।