केरल के मलप्पुरम में भारी बारिश के बाद चिलियार और भरतपुझा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब हैं। प्रशासन ने एरानाड और नीलमपुर सहित कई तालुकों में अलर्ट जारी किया है और राहत शिविरों में लोगों को स्थानांतरित किया गया है।

मुख्य बातें

  • मलप्पुरम की प्रमुख नदियां, जिनमें चिलियार और भरतपुझा शामिल हैं, उफान पर हैं।
  • 129 लोगों (39 परिवारों) को सात राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।
  • जिला कलेक्टर ने सोमवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए छुट्टी घोषित की है।
  • आगामी तीन दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

केरल के मलप्पुरम जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालांकि रविवार को दिन के समय बारिश कम रही, लेकिन शाम होते ही बौछारें फिर से शुरू हो गईं। जिले की प्रमुख नदियां जैसे कडलुंडिपुझा, चिलियार और भरतपुझा का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रशासन ने एरानाड, कोंडोट्टी और नीलमपुर तालुकों में स्थिति को देखते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। वर्तमान में सात राहत शिविरों में 129 लोग शरण लिए हुए हैं, जिनमें 42 पुरुष, 51 महिलाएं और 36 बच्चे शामिल हैं। बक्कीकयम रेगुलेटर के खतरे के स्तर से ऊपर होने के कारण तिरुरांगडी और कोट्टक्कल सहित कई नगर पालिकाओं में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है खतरा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भूस्खलन और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई हिस्से अत्यधिक संवेदनशील हो गए हैं। चेरुपुझा के उफनने से अंगडीपुरम और कुतुलंगडी जैसे क्षेत्रों में भी चेतावनी जारी की गई है। भूस्खलन की घटनाएं कन्नमंगलम और अन्य क्षेत्रों में भी दर्ज की गई हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

नदियों का बढ़ता जलस्तर और लगातार हो रही बारिश आगामी दिनों में स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

भारी बारिश के कारण पोननानी के तटीय इलाकों में समुद्र का कटाव भी जारी है, जिससे 100 से अधिक घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा, पुलीक्कल-अंथियुरकुन्नू मार्ग पर यातायात बाधित हुआ है और कोझिकोड-पलक्कड़ राजमार्ग पर भी भारी भीड़ देखी गई है।

क्या आप जानते हैं?: केरल के तटीय क्षेत्रों में समुद्र का कटाव और नदियों का उफान एक साथ आने से मिट्टी की स्थिरता तेजी से कम हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या मलप्पुरम में स्कूल खुले हैं?
नहीं, जिला कलेक्टर ने भारी बारिश के मद्देनजर सोमवार को सभी स्कूलों, आंगनवाड़ियों और मदरसों के लिए छुट्टी घोषित कर दी है।

2. क्या परीक्षाएं प्रभावित होंगी?
नहीं, पहले से निर्धारित विश्वविद्यालय और पीएससी परीक्षाएं योजना के अनुसार आयोजित की जाएंगी।