सन् 2026 के विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में, श्रीलंका सती साईं जिला के कलेक्टर श्याम प्रसाद ने परिवार नियोजन और मातृ स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर जारी किये और जिला स्वास्थ्य विभाग तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC) में जनसंपर्क कार्यक्रमों का आदेश दिया।

सन् 2026 के विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर, श्रीलंका सती साईं जिला में एक व्यापक परिवार नियोजन एवं मातृ स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। 11 जुलाई को, कलेक्टर श्याम प्रसाद ने पुत्तपरथी के कलेक्टरेट में अभियान पोस्टर का अनावरण किया और अधिकारियों से कहा कि यह संदेश पूरे जिले में प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।

अभियान का उद्देश्य और रणनीति

इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिवारों को संतुलित जन्म अंतराल के महत्व के प्रति जागरूक करना है, जिससे माताओं और बच्चों दोनों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके। कलेक्टर ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC) में जनरैल रैली आयोजित करने का निर्देश दिया, जहाँ स्वास्थ्य कर्मी परिवार नियोजन, गर्भावस्था के दौरान पोषण, और नवजात देखभाल पर व्याख्यान देंगे।

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह भी कहा कि वे पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री को स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक केंद्रों में फैलाएँ। इस अभियान के दौरान, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेडिकल और हेल्थ कर्मियों को कैडर‑वाइज प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाएँगे, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

समुदाय और परिवारों पर प्रभाव

अभियान का लक्ष्य है कि हर सामाजिक वर्ग तक पहुँच बनाई जाए, विशेषकर ग्रामीण और वंचित समुदायों में जहाँ परिवार नियोजन की जानकारी कम है। यह पहल न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवारों को स्थिरता प्रदान करेगी।

भविष्य की दिशा

कलेक्टर ने कहा कि यह केवल एक बार की पहल नहीं है, बल्कि इसे वार्षिक कार्यक्रम के रूप में जारी रखा जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. फैरोज़ा बेगम के नेतृत्व में, स्वास्थ्य कर्मी अगले महीनों में डेटा संग्रह और फ़ॉलो‑अप कार्यों पर काम करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान के लक्ष्यों को वास्तविक रूप में प्राप्त किया जा सके।