कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) सात नई स्वास्थ्य सुविधाएँ जोड़ रहा है, कुल लागत लगभग ₹668 करोड़ होगी और यह 53 लाख बीमा लाभार्थियों को कवर करेगी। नई सुविधाओं का उद्घाटन केंद्र सरकार के श्रम मंत्री मनुशु मंडविया करेंगे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ESIC सात नई स्वास्थ्य सुविधाएँ जोड़ रहा है
- कुल निवेश ₹668 करोड़
- लगभग 53 लाख लाभार्थियों को कवर किया जाएगा
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने सात नई स्वास्थ्य सुविधाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने का बीड़ा उठाया है। यह पहल केंद्र सरकार के श्रम मंत्री मनुशु मंडविया द्वारा तेलंगाना के सनाथनगर में 14 जुलाई, 2026 को औपचारिक रूप से उद्घाटित की जाएगी।
नई सुविधाओं का विस्तृत विवरण
इन नई सुविधाओं में शामिल हैं: सनाथनगर में आउटपेशेंट विभाग (OPD) ब्लॉक, असम के बेल्टोला में 200‑बेड ESIC अस्पताल, तमिलनाडु के श्रीपरंबुदुर में 100‑बेड अस्पताल, आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवाराम में एक अस्पताल, गुजरात के सुरेंद्रनगर और राजस्थान के कोटा में डिस्पेंसरी एवं शाखा कार्यालय, तथा राजस्थान के भावना मंडी में एक ESIC डिस्पेंसरी। कुल निर्माण लागत लगभग ₹211.13 करोड़ से लेकर विभिन्न स्तरों पर विविध है।
क्षमता और कवरेज
सनाथनगर की नई सुविधा 12,30,183 बीमित व्यक्तियों और लाभार्थियों को व्यापक आउटपेशेंट सेवाएँ प्रदान करेगी। बेल्टोला अस्पताल असम तथा मेघालय के 47 जिलों, साथ ही त्रिपुरा, मिज़ोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के 41 जिलों को कवर करेगा, जिससे लगभग 13.27 लाख लाभार्थी जुड़े रहेंगे। श्रीपरंबुदुर अस्पताल 5.5 लाख बीमित व्यक्तियों को सेवा देगा, जबकि राजामहेंद्रवाराम अस्पताल 1,31,190 बीमित व्यक्तियों के लिए कार्य करेगा।
नीति पृष्ठभूमि और सामाजिक प्रभाव
ESIC का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, और यह विस्तार सामाजिक सुरक्षा कोड के तहत बीमित वर्ग की पहुंच को व्यापक बनाता है। इस कदम से न केवल चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य कवरेज का अंतर भी घटेगा। ट्रेड यूनियन ने पहले अधिक सुविधाओं की मांग की थी, और यह विस्तार उनके दावों को काफी हद तक संतुष्ट करता है।
भविष्य की दिशा
कुल ₹668 करोड़ के निवेश के साथ, ESIC का यह विस्तार भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा के ढाँचे को पुनः आकार देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी एक मानक स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में और अधिक अस्पताल एवं डिस्पेंसरी स्थापित करने की संभावना बढ़ेगी।