जुड़ते हुए 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जनों ने चेन्नई में आयोजित विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया। हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन और बॉडी कॉन्टूरिंग के नवीनतम तकनीकों पर चर्चा हुई, जिससे भारत में सौंदर्य शल्य चिकित्सा के भविष्य को नई दिशा मिली।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जन चेन्नई में एकत्र हुए
  • हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन तकनीक पर व्यापक प्रशिक्षण
  • भारत में एस्थेटिक सर्जरी की उन्नत क्षमताओं को उजागर किया गया

जुलाई 15, 2026 को चेन्नई में आयोजित विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस (World Plastic Surgery Day) के समारोह में देश भर के 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जन एकत्र हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक राष्ट्रीय हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन मास्टरक्लास था, जिसमें नवीनतम एस्थेटिक सर्जरी, बॉडी कॉन्टूरिंग, लिपोस्कल्प्चर और स्किन टाइटनिंग तकनीकों को उजागर किया गया।

पृष्ठभूमि और महत्व

विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस हर वर्ष 8 जुलाई को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य प्लास्टिक सर्जरी के विकास, शोध और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। भारत में इस दिन के महत्व को बढ़ाने के लिए स्टेनली मेडिकल कॉलेज, चेन्नई ने इस बार एक व्यापक वैज्ञानिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें शल्य तकनीकों के नवीनतम रुझानों को प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता

समारोह का उद्घाटन डॉ. जे. एस. राधाकृष्णन, प्रमुख, प्लास्टिक सर्जरी विभाग, स्टेनली मेडिकल कॉलेज, और जेम्स रॉय कंजूर, संस्थापक, रॉयज़ कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर, कोयंबटूर, ने किया। इनके बाद डॉ. मोहम्मद निशार, चेन्नई प्लास्टिक सर्जरी के कंसल्टेंट ने प्रमुख सत्र संचालित किया, जिसमें हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला गया।

हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन की नई परतें

हाई‑डिफिनिशन लिपोसक्शन, जो पारंपरिक लिपोसक्शन से अधिक सटीकता और कम आघात प्रदान करता है, को इस मास्टरक्लास में विस्तृत रूप से समझाया गया। प्रतिभागियों ने इस तकनीक के लाभ, जैसे बेहतर त्वचा स्थिरता, कम पोस्ट‑ऑपरेटिव सूजन और तेज़ रिकवरी, के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस सत्र ने भारतीय प्लास्टिक सर्जरी में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा।

भविष्य की दिशा

इस कार्यक्रम ने न केवल शल्य कौशल को उन्नत किया, बल्कि सार्वजनिक जागरूकता को भी बढ़ावा दिया। एस्थेटिक सर्जरी के प्रति सामाजिक समझ बढ़ाने के साथ ही, रोगियों को सुरक्षित और प्रमाणित उपचार विकल्पों के बारे में सूचित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी राष्ट्रीय पहल भारत को विश्व स्तर पर प्लास्टिक सर्जरी के अग्रणी बनने की राह पर ले जाएगी।