सफ़दरजंग अस्पताल ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि NEET परीक्षा से संबंधित विरोध प्रदर्शन में कई प्रदर्शनकारियों को पेललेट गोलियों से चोटें आईं। यह खुलासा राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, जहाँ सरकार ने परीक्षा लीक मामलों के लिए फास्ट‑ट्रैक कोर्टों का वादा किया है।

मुख्य बिंदु

  • सफ़दरजंग अस्पताल ने पेललेट गोली से हुए ज़ख्मों की पुष्टि की
  • प्रदर्शन में कई छात्र और सामान्य जनता शामिल थे
  • सरकार ने NEET लीक मामलों के लिए फास्ट‑ट्रैक कोर्टों की घोषणा की

नई दिल्ली – दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल ने आज एक आधिकारिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें पुष्टि हुई कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा NEET के विरोध में पुलिस द्वारा उपयोग की गई पेललेट गोलियों से कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सक ने बताया कि चोटों में आँखों, चेहरे और श्वसन तंत्र में घाव शामिल हैं, जिनके इलाज के लिए सर्जिकल हस्तक्षेप आवश्यक हो सकता है।

यह घटना तब हुई जब विरोधकर्ताओं ने लीक हुए NEET प्रश्नपत्रों के संबंध में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए गैर‑घातक पेललेट गोलियों का उपयोग किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।

पर्याप्त राजनीतिक तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट‑ट्रैक कोर्टों की स्थापना का वादा किया, जिससे भविष्य में ऐसी लीक और हिंसा को रोका जा सके। विपक्षी दल इस कदम को पर्याप्त नहीं मानते हुए अधिक कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NEET परीक्षा का पहला संचालन 2013 में हुआ, और तब से यह भारत में मेडिकल प्रवेश का प्रमुख माध्यम बन गया है। पिछले वर्षों में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों ने लगातार विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है, जिनमें 2020 और 2022 में भी बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए थे। इस बार के विरोध में पेललेट गोली के उपयोग ने सुरक्षा उपायों पर नई बहस छेड़ दी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the escalation of force during student protests not only jeopardizes public safety but also erodes trust in law‑enforcement agencies, potentially influencing future policy decisions on educational examinations.

"पेललेट गोली का उपयोग असामान्य है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के खिलाफ माना जा सकता है," कहा अपराध शास्त्र विशेषज्ञ डॉ. अर्णव सिंह ने।
Did You Know?: 2019 में NEET लीक के बाद पहली बार भारत में कड़ी निगरानी के तहत डिजिटल प्रश्नपत्र प्रणाली लागू की गई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पेललेट गोली के कारण कौन‑कौन सी गंभीर चोटें हुईं?

उत्तर: मुख्य रूप से आंखों, चेहरे और फेफड़ों में घाव दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कुछ को सर्जरी की आवश्यकता है।

प्रश्न 2: सरकार ने आगे की सुरक्षा उपायों के लिए क्या कदम उठाए हैं?

उत्तर: प्रधानमंत्री ने फास्ट‑ट्रैक कोर्टों की स्थापना का वादा किया है और पुलिस को गैर‑घातक बलों के उपयोग पर पुनः मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है।