केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 2017 के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम को पूरी ताकत से लागू करने का आश्वासन दिया। राज्य के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को रोगी‑केन्द्रित बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य बिंदु

  • न्यायालय ने अस्पताल की स्थिति पर गंभीर चिंताएँ जताई।
  • स्टाफ और सुरक्षा की कमी रोगियों की स्वतंत्रता को रोक रही है।
  • सरकार ने तत्काल सुधार और पुनर्वास योजनाओं का वादा किया।

जजों की जांच और रिपोर्ट

केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश देवान रामाचंद्रन और बासंत बलाजी ने 18 जुलाई को थिरुवनंतपुरम के पेरूरकडा स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र (MHC) का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि 31 एकड़ के विशाल परिसर में भी रोगियों को जेल जैसी स्थिति में रखा जा रहा है, जहाँ खुली जगह और मनोरंजन के साधन नहीं हैं।

स्टाफ की गंभीर कमी

जजों ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों और ग्रेड‑IV स्टाफ (अटेंडर, कुक, ड्राइवर, लाँड्री कर्मचारी) की acute कमी के कारण केंद्र के दैनिक कार्य बाधित हैं। केवल 127 अटेंडर नियोजित 158 की तुलना में काम कर रहे हैं, और 13 कुक‑लाँड्री पदों को वर्षों से हटा दिया गया है।

सरकारी आश्वासन

जजों की निर्देशिका के बाद, स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 26 जुलाई को कहा कि सभी पदों को भरने के साथ‑साथ खुले‑हवा सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी, जिससे रोगियों को अटेंडर की देखरेख में बाहर निकलने का अवसर मिले। वे 2017 के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम को पूरी तरह लागू करने का वचन भी दोहराए।

भविष्य की योजना

सरकार ने दो अधूरे भवनों को 22 साल बाद पूरा करने, कैंपस की दीवारें और आंतरिक सड़कें सुधारने, तथा 55 ऐसे रोगियों के पुनर्वास पर काम करने का कहा है, जो अभी तक डिस्चार्ज नहीं हो पाए हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that strengthening mental health infrastructure not only improves patient outcomes but also reduces societal costs associated with untreated mental illnesses.

"मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में मानवाधिकारों का सम्मान अनिवार्य है।"
क्या आप जानते हैं?: भारत में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में औसत स्टाफ कमी 30% से अधिक है।

Frequently Asked Questions

क्या मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में अभी भी रोगियों को जेल जैसी स्थितियों में रखा जाता है? वर्तमान में सुधार के चरण में हैं, परंतु पूर्ण परिवर्तन में कुछ महीने लग सकते हैं।

केरल सरकार कब तक सभी अधूरे भवनों को पूरा करेगी? सरकार ने कहा है कि अगले 12 महीनों के भीतर निर्माण कार्य समाप्त हो जाएगा।