कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) में एक स्वतंत्र हेमेटोलॉजी विभाग स्थापित करने का प्रस्ताव अभी भी लंबित है, जिससे रक्त विकारों से जूझ रहे मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बातें
- कोझिकोड MCH में हेमेटोलॉजी विभाग वर्तमान में जनरल मेडिसिन का हिस्सा है।
- थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसे गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या मालाबार क्षेत्र में बहुत अधिक है।
- मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को इस पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
- बेड की कमी के कारण गंभीर मरीज फर्श पर लेटने को मजबूर हैं।
कोझिकोड स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) में एक स्वतंत्र हेमेटोलॉजी विभाग स्थापित करने का प्रस्ताव अभी भी चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME) के पास लंबित है। वर्तमान में, यह विभाग जनरल मेडिसिन विभाग के विस्तार के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे संसाधनों और कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है।
केरल ब्लड पेशेंट्स प्रोटेक्शन काउंसिल के राज्य अध्यक्ष, करीम करासेरी ने बताया कि मालाबार क्षेत्र में थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसे रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों की संख्या केरल के अन्य जिलों की तुलना में काफी अधिक है। परिषद पिछले दो दशकों से इस अस्पताल में एक विशेष उपचार केंद्र स्थापित करने की मांग कर रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे की कमी सीधे तौर पर जीवन रक्षा से जुड़ी है। वर्तमान में, जनरल मेडिसिन विभाग के आउटपेशेंट में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आते हैं, जिनमें से 100 से 130 को भर्ती किया जाता है। बेड की भारी कमी के कारण, गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अक्सर गलियारों और अन्य स्थानों पर लेटना पड़ता है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
रक्त विकारों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, एक समर्पित हेमेटोलॉजी विभाग की स्थापना अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को इस मांग पर जल्द से जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया है। आयोग ने इस संबंध में आवश्यक अतिरिक्त पदों, बुनियादी ढांचे और धन की आवश्यकता पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मालाबार क्षेत्र में आनुवंशिक रक्त विकारों की उच्च व्यापकता के कारण, कोझिकोड MCH दशकों से एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ सुविधाओं के अभाव में, मरीजों को अक्सर उच्च स्तरीय देखभाल के लिए अन्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है या अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. वर्तमान में हेमेटोलॉजी सेवाएं कैसे प्रदान की जा रही हैं?
वर्तमान में, ये सेवाएं जनरल मेडिसिन विभाग के एक विस्तार के रूप में प्रदान की जा रही हैं।
2. मानवाधिकार आयोग ने क्या आदेश दिया है?
आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को इस मांग पर त्वरित निर्णय लेने और आवश्यक संसाधनों की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।